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बिहारः जर्जर हो चुका था DMCH का सर्जिकल ब्लॉक, आजतक ने खबर दिखाई तब होश में आई सरकार

बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के सर्जिकल ब्लॉक की हालत पूरी तरह जर्जर हो चुकी थी. फिर भी यहां मरीजों का इलाज जारी था. आजतक ने जब इस खबर को दिखाया तो सरकार ने तुरंत यहां से मरीजों को शिफ्ट करने का आदेश जारी कर दिया.

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तस्वीर में सर्जिकल ब्लॉक की जर्जर हालत साफ देखी जा सकती है
तस्वीर में सर्जिकल ब्लॉक की जर्जर हालत साफ देखी जा सकती है
स्टोरी हाइलाइट्स
  • जर्जर ब्लॉक में चल रहा था मरीजों का इलाज
  • आजतक ने खबर दिखाई तो जागी सरकार
  • मरीजों को यहां से दूसरी जगह किया शिफ्ट

बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक है दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल यानी DMCH. इसे मिथिलांचल और कोसी की लाइफलाइन भी कहा जाता है. पर ये अस्पताल खुद ही लाइफ सपोर्ट पर चल रहा है. आजतक की टीम कुछ दिन पहले यहां पहुंची तो देखा कि यहां के सर्जिकल ब्लॉक की हालत पूरी जर्जर हो चुकी है. उसके बावजूद यहां सैकड़ों कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा है. जब आजतक ने इस खबर को दिखाया तब जाकर सरकार होश में आई और सर्जिकल ब्लॉक खाली कराने के निर्देश दिए. जिसके बाद दो दिन में मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया.

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बीते शुक्रवार को आजतक में खबर दिखाई थी कि किस तरीके से उत्तर बिहार का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खुद बीमार है और अस्पताल के सर्जिकल ब्लॉक की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि लोग अपनी जान दांव पर लगाकर अपना इलाज वहां करवा रहे हैं.

इस खबर को दिखाने के बाद पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने भी इस अस्पताल की जर्जर हालत को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला था और उनसे सवाल पूछा था कि आखिर 15 साल के शासनकाल में क्या वो कभी दरभंगा गए हैं?

आजतक की खबर का जिक्र करते हुए चिदंबरम ने नीतीश कुमार से पूछा... कभी दरभंगा गए भी हैं?

आजतक ने DMCH को लेकर जो खबर दिखाई थी उसका अब बड़ा असर हुआ है. बिहार सरकार ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि वो सर्जिकल ब्लॉक हो तुरंत खाली करवाए. जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने 2 दिनों के अंदर सर्जिकल ब्लॉक को पूरी तरीके से खाली करा दिया और वहां पर इलाज करा रहे मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया.

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यहां के सर्जिकल ब्लॉक की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि भवन निर्माण विभाग ने भी 10 सालों में कई दफा इसे खाली करने का निर्देश जारी किया है मगर इसके बावजूद भी अस्पताल का सर्जिकल ब्लॉक उसी भवन में चल रहा है और मरीज की जान को लगातार खतरा बना रहता है.

 

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