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बिहार में विपक्षी महाजुटान के बाद आज अमित शाह की पहली रैली, JDU अध्यक्ष के इलाके में भरेंगे हुंकार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य बिहार पहुंचेंगे और मुंगेर लोकसभा क्षेत्र के लखीसराय में एक मेगा रैली को संबोधित करेंगे. वह एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित करने से पहले भगवान शिव और देवी पार्वती को समर्पित प्रसिद्ध मंदिर अशोक धाम में पूजा-अर्चना करेंगे.

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज लखीसराय में करेंगे जनसभा को संबोधित
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज लखीसराय में करेंगे जनसभा को संबोधित

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की आज दोपहर 3:00 बजे बिहार के लखीसराय में एक जनसभा को संबोधित करेंगे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महागठबंधन में शामिल होने के बाद से यह अमित शाह की पिछले 10 महीने में पांचवी ऐसी जनसभा है. दिलचस्प बात यह है कि आज होने वाली जनसभा लखीसराय में होने वाली है जो कि मुंगेर संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है और यहां से जनता दल यूनाइटेड के राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह सांसद है.

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सबकी नजर शाह के भाषण पर

बीजेपी से अलग होने के बाद से वह लगातार बीजेपी मुक्त भारत के अभियान लगे हुए हैं और बीजेपी के खिलाफ काफी आक्रामक बयान बाजी भी करते नजर आ रहे हैं. 23 जून को पटना में हुई विपक्षी दलों की बैठक के बाद बिहार में अमित शाह का कार्यक्रम हो रहा है और माना जा रहा है कि अमित शाह अपनी जनसभा में विपक्षी दलों की एकजुटता पर हुई बैठक पर हमला बोल सकते हैं. प्रधानमंत्री मोदी के समान नागरिक संहिता को हवा देने वाले बयान के बाद आज बकरीद के मौके पर अमित शाह का बिहार द्वारा इस बात का भी संकेत है कि वह इस कानून पर अपना कोई पक्ष रख सकते हैं.

लखीसराय (मुंगेर सीट) ही रैली क्यों 

अमित शाह उस लखीसराय (मुंगेर लोकसभा क्षेत्र) में अपनी रैली कर रहे हैं जहां से जनता दल यूनाइटेड अध्यक्ष ललन सिंह सांसद हैं. ललन सिंह पिछली बार बीजेपी के साथ गठबंधन में मुंगेर से चुनाव जीते थे और सांसद बने थे. विपक्षी पार्टी के प्रमुख नेता और अध्यक्ष के क्षेत्र में रैली के जरिए बीजेपी विपक्षी गठबंधन को भी एक सियासी संदेश दे रही है.

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इस बार बीजेपी की नजर इस सीट पर बनी हुई है और तय माना जा रहा है कि बीजेपी यहां से अपना उम्मीदवार उतारेगी. मुंगेर सीट के इतिहास पर नजर डाले तो यहां 1991 में पहली बार सीपीआई ने जीत दर्ज की थी. 1996 में यह लोकसभा सीट समता पार्टी के खाते में आ गई. उसके बाद से दो बार आरजेडी तथा तीन बार जेडीयू तथा एक बार एलजेपी ने यहां जीत हासिल की है. 

क्यों अहम है रैली
बीजेपी की रणनीति है कि इस बार किसी भी तरह मुंगेर लोकसभा सीट पर कब्जा किया जाए और पार्टी ने इसके लिए बूथ स्तर से तैयारी शुरू कर दी है. शाह आज अपनी इस रैली के जरिए जेडीयू के साथ-साथ आरजेडी को भी निशाने पर लेंगे. बीजेपी के लिए यह रैली इसलिए भी अहम है क्योंकि इसके जरिए वह अपने उस बिहार मिशन की शुरूआत करेगी, जहां उसकी नजरें 10 ऐसी सीटों पर है जो बीजेपी के लिए अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाती है और मुंगेर भी इसमें शामिल है.

बिहार में भूमिहार की सियासी ताकत

लखीसराय के सांसद ललन 'भूमिहार' जाति से ताल्लुक रखते हैं, जो परंपरागत रूप से राजद और इसके संस्थापक लालू प्रसाद का विरोधी रही है. बिहार में सवर्ण समुदाय की आबादी करीब 18 फीसदी है, जिसमें सबसे ज्यादा भूमिहार समुदाय से है. बिहार में भूमिहार 6 फीसदी  6 फीसदी हैं तो ब्राह्मण 5.5 और राजपूत 5.5 फीसदी के करीब. बिहार में सियासी तौर पर भूमिहार समाज काफी प्रभावी रहा है. राज्य में अधिकतम जमीन जायदाद इसी समुदाय के पास होने के चलते दूसरी अन्य जाति के वोटरों को भी ये प्रभावित करते हैं. आजादी के बाद भूमिहार समुदाय कांग्रेस का परंपरागत वोटर रहा, लेकिन बीजेपी के उदय के बाद उसका कोर वोट बैंक बन गया. बिहार विधानसभा के 243 में से 64 विधायक सवर्ण हैं, जिनमें से 21 भूमिहार हैं.  

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श्रीकृष्ण सिंह की कर्मभूमि है लखीसराय 
लखीसराय बिहार के पहले मुख्यमंत्री बिहार केशरी श्रीकृष्ण सिंह (श्रीकृष्ण बाबू) का इलाका है. श्रीकृष्ण बाबू को बेहद ईमानदार राजनेता माना जाता है और वह हमेशा ही परिवारवाद के खिलाफ रहे. उन्हें बिहार में सामाजिक सुधारक और न्याय का पुरोधा माना जाता है. स्वतंत्रता सेनानी रहे श्रीकृष्ण सिंह के सीएम रहते हुए बिहार में कई कारखाने और उद्योग धंधे स्थापित हुए।

विपक्ष ने दागे सवाल

शाह ने आखिरी बार लगभग तीन महीने पहले राज्य का दौरा किया था. पिछले हफ्ते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पटना में विपक्षी नेताओं की महाबैठक आयोजित की गई थी, ऐसे में सभी की नजर शाह के इस दौरे पर है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा, 'राज्य के सभी लोग सार्वजनिक बैठक में शामिल होने के लिए शाह का स्वागत करेंगे.' जद (यू) के राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता राजीव रंजन ने '12 सवालों' की एक सूची जारी की है और उम्मीद जताई कि शाह इनका जवाब देंगे. ये सवाल भाजपा के पिछले चुनावी वादों जैसे हर साल दो करोड़ नौकरियां और किसानों की आय दोगुनी करने से संबंधित हैं.

बीजेपी का पलटवार

राज्य विधानमंडल में बीजेपी नेता और लखीसराय से पार्टी विधायक विजय कुमार सिन्हा ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में हो रही रैली स्थल का राजनीतिक महत्व बताया. सिन्हा ने आरोप लगाते हुए कहा, 'मुंगेर लोकसभा क्षेत्र को हमेशा बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह के साथ जुड़ाव के लिए याद किया जाता है. आज, स्थानीय सांसद राजद की गोद में बैठे हैं.'

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बिहार के पहले सीएम 'श्री बाबू', को आमतौर पर यहां के नायक के रूप में जाना जाता है. विशेष रूप से, मुंगेर वह लोकसभा सीट है जिसे भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने कई बार जीत हासिल की है, लेकिन यहां भगवा पार्टी ने अभी तक अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है. ललन सिंह ने दो बार सीट जीती है, दोनों बार भाजपा उनकी पार्टी की सहयोगी रही है.

ऐसा है शाह का कार्यक्रम

तय कार्यक्रम के मुताबिक अमित शाह आज 1:00 बजे पटना एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे और फिर हेलीकॉप्टर से लखीसराय के लिए रवाना होंगे.तकरीबन 2:00 बजे लखीसराय पहुंचने के बाद अमित शाह लखीसराय के अशोक धाम में तकरीबन 40 मिनट तक पूजा-अर्चना करेंगे फिर 3:00 बजे उनकी जनसभा होगी.

जनसभा के बाद 4:00 बजे से लेकर 5:00 बजे तक है अमित शाह लखीसराय में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात करेंगे और 2024 लोकसभा चुनाव को लेकर चुनावी रणनीति पर बैठक करेंगे.अमित शाह शाम 5:00 बजे पटना के लिए रवाना होंगे और फिर 6:00 बजे विशेष विमान से दिल्ली लौट जाएंगे.

 

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