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जानिए कौन है रईस गजनवी, जिसने अतीक अहमद के समर्थन में लगाए नारे

पटना में जुमे की नमाज के बाद अतीक अहमद के समर्थन में नारेबाजी की गई. 'अतीक अहमद अमर रहे' के नारे लगाए. साथ ही अतीक और अशरफ को शहीद बताया. इसमें एक शख्स है रईस गजनवी. उसने जामा मस्जिद के बाहर नारेबाजी की थी. इस घटना के बाद पुलिस एक्शन में आई और जामा मस्जिद के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी.

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माफिया अतीक अहमद के समर्थन में नारेबाजी करते लोग.
माफिया अतीक अहमद के समर्थन में नारेबाजी करते लोग.

बिहार के पटना में जुमे की नमाज के बाद माफिया अतीक अहमद के समर्थन में नारेबाजी की गई. लोगों ने 'अतीक अहमद अमर रहे' के नारे लगाए. इसमें एक शख्स था रईस गजनवी. उसने पटना की जामा मस्जिद के बाहर नारेबाजी की थी. इस दौरान लोगों ने अतीक और अशरफ को शहीद बताया और कहा कि दोनों को प्लानिंग के तहत मारा गया है. इस घटना के बाद जामा मस्जिद के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

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गौरतलब है कि जामा मस्जिद के पास कई दुकाने हैं. इसमें एक दुकान रईस गजनवी की है, जिसमें वो बैग बेचता है. कहा जा रहा है कि पहले उसने ही अतीक के समर्थन में मस्जिद के बाहर नारेबाजी की थी. इसके बाद जब देखा कि पुलिस एक्शन में आ गई है तो दुकान खुली छोड़कर फरार हो गया. पुलिस उसकी तलाश कर रही है. साथ ही कुछ पुलिसकर्मी उसकी दुकान के बाहर मौजूद हैं. 

ये राज्य सरकार की नाकामी है- बीजेपी सांसद

इस मामले में बीजेपी सांसद अजय निषाद ने कहा कि ये राज्य सरकार की नाकामी है. बिहार में माहौल खराब करने की साजिश हो रही है. अतीक के समर्थन में इस तरह की नारेबाजी करने वालों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए.

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इससे पहले महाराष्ट्र के बीड में बुधवार को कुछ लोगों ने गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद के समर्थन में पोस्टर लगाया था. इस विवादित पोस्टर के बारे में जानकारी होते ही पुलिस ने एक्शन लेते हुए चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था. पोस्टर में अतीक और अशरफ को शहीद बताया गया था.

कांग्रेस के पार्षद प्रत्याशी ने बताया था शहीद  

वहीं, प्रयागराज से कांग्रेस के पार्षद प्रत्याशी राजकुमार उर्फ रज्जू भैया ने अतीक हत्याकांड के बाद उसकी कब्र पर तिरंगा रखते हुए उसे शहीद बताया था. इस घटना के बाद धूमनगंज थाने के चौकी प्रभारी ने राजकुमार के खिलाफ केस दर्ज कराया था.

इतना ही नहीं कांग्रेस उम्मीदवार ने अतीक अहमद को भारत रत्न दिए जाने की मांग भी कर डाली थी. राजकुमार ने अतीक की कब्र पर तिरंगा ओढ़ाकर सलामी भी दी थी. वायरल वीडियो में राजकुमार यह कहता दिखाई दिया था कि वह अतीक को शहीद का दर्जा दिलाएगा. वीडियो के वायरल होते ही पार्टी ने उसे 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था.

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यूपी के प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की 15 अप्रैल की रात तीन शूटर्स ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. इनकी पहचान अरुण मौर्या, सनी और लवलेश तिवारी के रूप में हुई. तीनों पत्रकार बनकर पुलिस के काफिले के नजदीक पहुंचे और जैसे ही अतीक और उसके भाई अशरफ ने मीडिया से बात करना शुरू की, तीनों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इस दौरान करीब 18 राउंड गोलियां चलीं, जिनमें से 8 गोली अतीक अहमद को लगी थीं.

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