बिहार विधानसभा स्पीकर के चुनाव में एनडीए की जीत हुई है. सदन में हंगामे के बीच बुधवार को स्पीकर पद का चुनाव हुआ और एनडीए के उम्मीदवार विजय सिन्हा नए विधानसभा अध्यक्ष चुने गए. इस दौरान महागठबंधन के विधायकों की ओ से चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए गए और गुप्त मतदान की अपील की गई. हालांकि, उनकी अपील को ठुकरा दिया गया.
चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार को 126 और महागठबंधन को 114 वोट मिले हैं. महागठबंधन की ओर से राजद के अवध बिहारी चौधरी मैदान में थे. नतीजों के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने स्पीकर को उनकी कुर्सी तक पहुंचाया और बधाई दी. बिहार में ऐसा पांच दशक के बाद हुआ है, जब स्पीकर पद के लिए चुनाव हुआ हो.
सदन में मतदान के दौरान एनडीए के विधायकों ने जय श्री राम के नारे लगाए. इस दौरान नीतीश कुमार भी सदन में मौजूद थे.
चुनाव के दौरान सदन में हंगामा
तेजस्वी यादव ने सदन में आरोप लगाया कि आज पूरा देश देख रहा है कि खुलेआम चोरी हो रही है, अगर ऐसे सदन चलेगा तो हमें बाहर ही कर दीजिए. तेजस्वी की मांग है कि जो विधानसभा के सदस्य नहीं हैं, उन्हें मतदान के वक्त मौजूद नहीं रहना चाहिए. राजद का कहना है कि नीतीश सदन का हिस्सा नहीं हैं.
नए स्पीकर को जीत की बधाई देते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वो सदन में संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करेंगे और विपक्ष का संरक्षण भी करेंगे.
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दरअसल, महागठबंधन के विधायकों की ओर से वोटिंग की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. राजद की अपील है कि वोटिंग को गुप्त रखा जाए, इसको लेकर हंगामा किया जा रहा है. सदन में प्रदर्शन के दौरान विधायकों से अलग कार्यकर्ता भी विधानसभा में मौजूद हैं.
बता दें कि सदन में चुनाव से ठीक पहले ही पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने आरोप लगाया था कि लालू यादव ने बीजेपी विधायक को फोन कर उनका साथ देने को कहा गया.