बिहार के बक्सर जिले में बुधवार रात बड़ा ट्रेन हादसा हुआ है. यहां रघुनाथपुर स्टेशन के पास दिल्ली-कामाख्या नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस की छह बोगी पटरी से उतर गईं. हादसे में चार यात्रियों की मौत हो गई. जबकि 70 लोग घायल हो गए हैं. हादसा रात 9:53 बजे हुआ. विजुअल में देखा जा रहा है कि थर्ड एसी की दो बोगियां पूरी तरह पलट गईं. जबकि चार अन्य बोगी पटरी से उतर गईं. कुल 23 बोगियां डीरेल हुई हैं. मौके पर युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू हुआ. रेलवे ने यात्रियों को गंतव्य तक भेजने के लिए दूसरी ट्रेन से रवाना किया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का कहना है कि घटना के कारण का पता लगाने के लिए कमेटी गठित की जाएगी.
बक्सर के पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि हादसे में चार यात्रियों की मौत हो गई. रेलवे पुलिस बल के एक अधिकारी ने बताया कि करीब 70 यात्री घायल हो गए हैं. उन्हें स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. गंभीर रूप से घायलों को पटना के एम्स रेफर किया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानमाल के नुकसान पर संवेदना जताई है. उन्होंने कहा, रूट को क्लीयर किए जाने का अभियान पूरा हो गया है. सभी बोगी की जांच कर ली गई है. गुरुवार सुबह केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे मौके पर पहुंचे और बहाली कार्य-बचाव कार्यों का निरीक्षण किया.
33 घंटे में दिल्ली से कामाख्या पहुंचती है ट्रेन
बताते चलें कि ट्रेन नंबर 12506 नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस बुधवार सुबह 7:40 बजे दिल्ली के आनंद विहार स्टेशन से रवाना हुई थी. 33 कोच वाली ये ट्रेन गुवाहाटी से करीब 6 किलोमीटर दूर कामाख्या तक जाती है. करीब 33 घंटे में यह दूरी कवर करती है.
Bihar Train Accident: बक्सर में पटरी से उतरीं नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस की 6 बोगियां, 4 की मौत
असम की मां-बेटी की गई जान
हादसे में एक महिला और उसकी आठ साल की बच्ची की भी जान गई है. जबकि दो युवकों की मौत हुई है. मरने वालों की पहचान ऊषा भंडारी और उनकी बेटी अमृता कुमारी के रूप में हुई. दोनों असम के तिनसुकिया जिला के सदियां गांव की रहने वाली थीं. महिला अपने पति और दो बेटियों के साथ दिल्ली से असम जा रहे थे. इस हादसे में महिला का पति और एक बेटी की जान बच गई है. तीसरे मरने वाले की पहचान जैद (27 साल) के रूप में हुई. ये बिहार के किशनगंज जिले के सपतेया विष्णुपुर का रहने वाला था और दिल्ली से किशनगंज जा रहा था. चौथे मरने वाले की पहचान नहीं हो पाई है. घायलों का इलाज बक्सर, भोजपुर और पटना एम्स में कराया जा रहा है.
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने क्या बताया....
मरने वालों के परिजन और प्रत्यक्षदर्शी अभी भी सदमे में देखे जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि एसी बोगी के सभी यात्री करीब-करीब सो चुके थे या सोने की तैयारी में थे. इसी बीच अचानक ट्रेन से झटका लगा और सभी लोग अपने बर्थ से गिरने लगे. करीब 10 से 15 मिनट तक ट्रेन में इधर से उधर गिरते रहे. एक-दूसरे पर पलटते रहे. जब तक किसी को कुछ समझ आता,, तब तक ट्रेन की बोगियां डीरेल हो चुकी थीं. दो बोगी बेपटरी होकर पूरी तरह से पलट गई थीं. ट्रैक उखड़ गया था. दूसरे ट्रैक पर बोगियां पड़ी थीं. कोई यात्री सीट के नीचे दबा था तो कोई खिड़की के नीचे. कोई शौचालय में फंसा रहा. हादसा इतना जोरदार था कि आवाज एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और स्थानीय लोग दौड़कर पहुंचे. सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर आए और बिना किसी के ऑर्डर के रेस्क्यू में जुट गए.
'हम बर्थ के नीचे दबे थे...'
ट्रेन हादसे में जख्मी असम के अब्दुल मलिक ने बताया कि हम अपने बर्थ के नीचे दबे थे, जैसे-तैसे बाहर निकले तो देखा कि ट्रेन का एसीडेंट हो गया है. सभी बोगियां इधर-उधर पड़ी हैं. हमने देखा कि आसपास के लोग जुट आए थे. लोगों की मदद कर रहे थे. अंदर बोगी में घुस कर बाहर से शीशा तोड़ कर यात्रियों को निकाल रहे थे.
'एक झटका लगा और...'
नॉर्थ ईस्ट ट्रेन के गार्ड विजय कुमार ने बताया कि करीब 9 बजकर कुछ मिनट हो रहा था. हम अपनी सीट पर बैठ कर कागजी कार्रवाई कर रहे थे तभी अचानक झटका लगा. ऐसा लगा कि जैसे हमें अपनी सीट से फेंका गया हो... कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि क्या हुआ है. ट्रेन की गति 100 किमी की रही होगी. जब तक खड़े होते, तब तक ट्रेन दुर्घनाग्रस्त हो गई थी. हादसा कैसे हुआ? इस पर गार्ड ने बताया कि इसका जवाब सिर्फ ड्राइवर ही दे सकता है कि एक्सीडेंट कैसे हुआ. पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक के अनुसार, ट्रेन के 21 डिब्बे पटरी से उतरे हैं. उन्होंने कहा, हम बचाव अभियान के बाद घटना के पीछे के कारण की जांच करेंगे.
'मेरे ऊपर आकर गिरे लोग'
एक यात्री ने बताया कि मैं ट्रेन के एसी कोच में था. अचानक शोर सुनाई दिया. लोग चिल्ला रहे थे. कई लोग मेरे ऊपर आकर गिरे. कुछ देर तक समझ नहीं आया. एक अन्य यात्री ने कहा, हम स्लीपर कोच में यात्रा कर रहे थे. हमें अचानक एक आवाज सुनाई दी. ट्रेन की स्पीड करीब 70-80 किलोमीटर प्रति घंटे थी. हमने खड़े होकर देखा कि ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतर गए हैं. यह हादसा रात 9.30-10.30 बजे के आसपास हुआ. एक अन्य यात्री श्रीनिवास पांडे ने कहा, स्थानीय लोग तुरंत यहां पहुंचे और हमारी बहुत मदद की. हमारे कोच में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन कई लोग घायल हो गए.
'स्थानीय लोगों ने दिखाई तत्परता'
स्थानीय निवासी हरि पाठक ने बताया कि ट्रेन सामान्य गति से आ रही थी, लेकिन अचानक हमने एक तेज आवाज़ सुनी और ट्रेन से धुंए का गुबार उठने लगा. हम यह देखने के लिए दौड़े कि क्या हुआ. हमने देखा कि ट्रेन पटरी से उतर गई और एसी कोच सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त थे. सामने आए विजुअल में देखा जा रहा है कि स्थानीय लोग यात्रियों को बचाने के लिए दौड़ रहे हैं और बोगी से बाहर निकलने में मदद करते हुए दिखाई दे रहे हैं. एक महिला यात्री को सदमे में देखा जा रहा है. स्थानीय लोगों ने उसकी मदद की और कोच से बाहर निकाला. कई पुलिस अधिकारियों को भी मौके पर यात्रियों को ट्रेन से बचाने में मदद करते देखा गया.
रेलवे ने कहा है कि ट्रेन हादसे में मरने वालों को 10-10 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा. जबकि घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक मदद की जाएगी. रेलवे ने कहा है कि कुल 30 यात्री हुए हैं. इनमें 5 की हालत गंभीर है.
'ज्यादा बोगियां पलटती तो भयावह होता हादसा'
जगदीशपुर के एसडीपीओ राजीव चंद्र सिंह ने बताया कि दुर्घटना के कारण बिजली के तार, खंभे और रेल पटरियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं. उन्होंने बताया कि कुछ बोगी पटरी से उतरीं, लेकिन उनमें से ज्यादा पलटी नहीं, जिससे भयावह हादसा टल गया. उन्होंने कहा, तकनीकी टीम दुर्घटना के कारण की जानकारी दे सकती है. पूर्व मध्य रेलवे जोन के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी बीरेंद्र कुमार ने बताया कि यह ट्रेन बक्सर स्टेशन से रवाना हो गई थी. उसके बाद आरा पहुंचना था. लेकिन, आधे घंटे से भी कम समय बाद दुर्घटना की खबर आई. उन्होंने बताया, हादसा रघुनाथपुर स्टेशन के पास हुआ, यहां ट्रेन का स्टॉपेज नहीं है. घटना के तुरंत बाद राहत कार्य शुरू किया गया. एंबुलेंस और डॉक्टर घटनास्थल पर पहुंचे.
'आसपास के अस्पतालों में अलर्ट'
बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने एक बयान जारी किया और कहा, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग को ज्यादा से ज्यादा लोगों को जल्द राहत पहुंचाने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा गया है. उन्होंने कहा, मैंने बक्सर और भोजपुर (आरा का मुख्यालय) के जिलाधिकारियों से भी बात की है. उन्हें जल्द से जल्द घटनास्थल पर पहुंचने और राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. यादव ने कहा, अनुमंडलीय अस्पताल जगदीशपुर और शाहपुर अस्पताल, जिला भोजपुर में चिकित्सा अधिकारी और अन्य स्वास्थ्य कर्मी बचाव और राहत कार्यों में जुट गए हैं. रोहतास, बक्सर और भोजपुर जिलों से एम्बुलेंस को मौके पर भेजा गया है.
'यात्रियों को दूसरी ट्रेन से गंतव्य तक भेजा'
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है. दुर्घटनास्थल से यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए पटना से एक स्क्रैच रेक भेजा गया. यह अस्थायी रेक है, जो ट्रेन की तरह होता है. यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए छह बसें भी दुर्घटनास्थल पर भेजी गईं. फंसे हुए यात्रियों के लिए आरा से एक अन्य रेक की व्यवस्था की गई है. रेलवे पुलिस बल के इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने बताया कि मेडिकल टीमों को मौके पर भेजा गया है. जिला प्रशासन ने बक्सर शहर के स्थानीय अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा है.
'रेलवे ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर्स'
रेलवे ने यात्रियों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं. ये नंबर्स- 9771449971 (पटना जंक्शन), 8905697493 (दानापुर), 8306182542 (आरा), 7759070004 (कॉमर्शियल नॉर्थ सेंट्रल रेलवे), 9794849461, 8081206628 (पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन) हैं. रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि राहत कार्य के लिए वॉर रूम स्थापित किए गए हैं. बचाव अभियान पूरे जोरों पर चल रहा है. दिल्ली और डिब्रूगढ़ के बीच राजधानी एक्सप्रेस समेत रूट पर चलने वाली करीब 21 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है. सीपीआरओ बीरेंद्र कुमार का कहना है कि रेलवे अधिकारी मौके पर मौजूद हैं. ट्रेनों को दो मार्गों से डायवर्ट किया जा रहा है.
इन हेल्पलाइन नंबर्स पर भी कर सकते हैं संपर्क
- प्रयागराज- 0532-2408128, 0532-2407353, 0532-2408149
- फतेहपुर- 05180-222026, 05180-222025, 05180-222436
- कानपुर- 0512-2323016, 0512-2323018, 0512-2323015
- इटावा- 7525001249
- टुंडला-05612-220338, 05612-220339, 05612-220337
- अलीगढ़- 0571-2409348
रेल मंत्री बोले- जल्द ट्रैक बहाल किया जाएगा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए दूसरी ट्रेन भेजी गई. अब बहाली पर ध्यान दिया जा रहा है. अपूरणीय क्षति के लिए गहरी संवेदनाएं. पटरी से उतरने के मूल कारण का पता लगाया जाएगा. निकासी और बचाव कार्य पूरा हो गया. सभी कोचों की जांच की गई. जल्द ही ट्रैक दुरुस्त कर बहाल किया जाएगा. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन, रेलवे अधिकारी और स्थानीय लोगों ने एक टीम के रूप में काम किया है. घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है. वार रूम संचालित हो रहा है.
असम सरकार ने कहा, हमारी स्थिति पर नजर
असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने ट्वीट किया, मुझे आनंद विहार से कामाख्या जा रही नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस 12506 के पटरी से उतरने की खबर मिली है. हम स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं. स्थानीय अधिकारियों और अन्य एजेंसियों के साथ संपर्क स्थापित किया है. मुख्यमंत्री कार्यालय घटना पर बारीकी से नजर रख रहा है.
'स्थानीय लोगों का धन्यवाद करता हूं'
केंद्रीय मंत्री और बक्सर सांसद अश्विनी कुमार चौबे ने कहा, यह एक दुखद घटना है. 4 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए. मैंने कल रात रेल मंत्री, डीएम, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, मुख्य सचिव और डीजीपी को घटना के बारे में सूचित किया. लोगों से वहां पहुंचने और मदद करने की अपील भी की. मैं इसके लिए लोगों को धन्यवाद देता हूं. घटना के पीछे के कारण की जांच की जा रही है.
'काम छोड़कर मौके पर पहुंच गए लोग'
चौबे ने आगे कहा, यह एक भयानक दृश्य है. मैं बचाव अभियान में मदद के लिए स्थानीय लोगों को धन्यवाद देता हूं. हजारों लोग अपना सारा काम छोड़कर मदद के लिए यहां आ गए. जैसे ही मुझे खबर मिली, मैंने रेल मंत्रालय से लेकर पीएमओ तक सभी विभागों को सूचित किया. घायल व्यक्तियों का इलाज चल रहा है और वे खतरे से बाहर हैं. हम परिचालन बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं और जांच जारी है.
कई ट्रेनों का रूट बदला, कई ट्रेनें रद्द
- 12 अक्टूबर को पटना से वाराणसी जाने वाली ट्रेन नवंबर 15124 जनशताब्दी को रद्द कर दिया गया है.
- 15125 जनशताब्दी को भी रद्द करना पड़ा.
- पटना डीडीयू रेलमार्ग की 19 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया.
- 12948 पटना अजीमाबाद स्पेशल को पटना-गया डीडीयू के रास्ते संचालित.
- 12487 सीमांचल एक्सप्रेस हाजीपुर, छपरा, वाराणसी प्रयागराज के रास्ते संचालित.
- 12505 नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस को हाजीपुर, छपरा, प्रयागराज के रास्ते संचालित.
- 12149 पुणे दानापुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस, पंडित दीनदयाल उपाध्याय से सासाराम होते हुए आरा आएंगी.
- 12141 पाटलिपुत्र सुपरफास्ट एक्सप्रेस, पंडित दीनदयाल उपाध्याय से सासाराम होते हुए आरा आएगी.
- 12424 डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस, पंडित दीनदयाल उपाध्याय से सासाराम होते हुए आरा आएगी.
- 12368 राजधानी एक्सप्रेस, पंडित दीनदयाल उपाध्याय से गया होते हुए पटना आएगी.
- 12368 आनंद विहार भागलपुर विक्रमशिला एक्सप्रेस पंडित दीनदयाल उपाध्याय से गया होते हुए पटना आएगी.
- 15623 कामाख्या एक्सप्रेस पंडित दीनदयाल उपाध्याय से गया होते हुए पटना आएगी.
- 15633 गुवाहाटी एक्सप्रेस पंडित दीनदयाल उपाध्याय से गया होते हुए पटना आएगी.
- 12310 नई दिल्ली राजधानी तेजस एक्सप्रेस पंडित दीनदयाल उपाध्याय से गया होते हुए पटना आएगी.
- 22406 आनंद विहार भागलपुर गरीब रथ एक्सप्रेस पंडित दीनदयाल उपाध्याय से गया होते हुए पटना आएगी.
- 22466 बाबा बैजनाथ धाम देवघर सुपरफास्ट एक्सप्रेस पंडित दीनदयाल उपाध्याय से गया होते हुए पटना आएगी.
- 19484 अहमदाबाद एक्सप्रेस, आरा से सासाराम होते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन तक जाएगी.
- 12423 डिब्रूगढ़ नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस,आरा से सासाराम होते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन तक जाएगी.
- 22449 नई दिल्ली पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, आरा से सासाराम होते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन तक जाएगी.
- 12150 दानापुर पुणे सुपरफास्ट एक्सप्रेस पटना से गया होते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय जाएगी.
- 13201 मुंबई लोकमान्य तिलक जनता एक्सप्रेस, पटना से गया होते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय जाएगी.
-15483 महानंदा एक्सप्रेस पटना से गया होते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय जाएगी.
- 22972 बांद्रा टर्मिनस सुपरफास्ट एक्सप्रेस पटना से गया होते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय जाएगी.