बिहार में हाल ही में हुए गोपालगंज उपचुनाव में महागठबंधन के वोट बैंक में सेंध लगाने के बाद AIMIM सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी कुढ़नी उपचुनाव में दोहराने के लिए तैयार हैं, जहां उन्होंने पूर्व जिला पार्षद गुलाम मुर्तजा अंसारी को मैदान में उतारा है. बीजेपी और जनता दल यूनाइटेड के खिलाफ गुलाम मुर्तजा अंसारी AIMIM के आधिकारिक उम्मीदवार बन गए हैं.
कुढ़नी उपचुनाव में AIMIM की एंट्री महागठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार की सिरदर्दी बढ़ाने वाली बताई जा रही है. जहां जनता दल यूनाइटेड ने पूर्व मंत्री मनोज कुशवाहा को मैदान में उतारा है वहीं बीजेपी ने महागठबंधन प्रत्याशी के खिलाफ केदार प्रसाद गुप्ता को टिकट दिया है.
गोपालगंज में AIMIM के उम्मीदवार अब्दुल सलाम को 12,214 वोट मिले थे, जिसने महागठबंधन का खेल बिगाड़ दिया था. बीजेपी उम्मीदवार कुसुम देवी सिर्फ 1800 वोटों से चुनाव जीती थीं, इससे करीब 6 गुना अधिक वोट AIMIM उम्मीदवार को मिले थे.
बिहार में AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तर-उल-ईमान ने कहा, 'यह वे राजनीतिक दल थे जिन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय के विकास के लिए कुछ भी नहीं किया है जो आरोप लगाते हैं कि AIMIM महागठबंधन में सेंध लगाने और भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए उम्मीदवार खड़ा कर रही है. ऐसे राजनीतिक दल हमसे सवाल कैसे कर सकते हैं जो कल तक भाजपा के साथ गठबंधन में थे और राज्य पर शासन कर रहे थे ?'
वहीं दूसरी ओर महागठबंधन ने आरोप लगाया है कि असदुद्दीन ओवैसी एक बार फिर गोपालगंज से बीजेपी को फायदा पहुंचाने और महागठबंधन को नुकसान पहुंचाने के लिए कुढ़नी में प्रत्याशी उतार रहे हैं.