केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के दंगा आरोपियों से जेल में मुलाकात पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खासे नाराज दिखे. उन्होंने पटना में लोकसंवाद कार्यक्रम के दौरान कहा कि यह स्वीकार्य योग्य नहीं है और पूरी तरह से गलत है.
उन्होंने कहा कि अगर किसी की गिरफ्तारी होती है तो वो नियम और कानून के तहत ही होती है, अगर किसी को लगता है कि गलत हुआ है तो उन्हें पुलिस पर सवाल उठाने के बजाय न्यायालय जाना चाहिए. नीतीश कुमार ने कहा कि हम न किसी को बचाते हैं और ना ही फंसाते हैं.
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह रविवार को नवादा में हुए दंगे के आरोप में गिरफ्तार विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से मिलने न सिर्फ जेल में गए बल्कि उनके घर जाकर परिवार के साथ न्याय होने की बात भी कही. इस अवसर पर उनके आंसू भी छलक आए. उन्होंने कहा कि सरकार में रहते हुए भी वो कुछ नहीं कर पा रहे हैं ये उनकी बेबसी के आंसू हैं.
नवादा जेल में दंगे के आरोपियों से मुलाकात और फिर उनकी परिवार वालों से मुलाकात पर गिरिराज सिंह ने कहा कि उन्होंने कोई भी काम चोरी चुपके नहीं किया बल्कि डंके की चोट पर किया और संवैधानिक तरीके से किया है.
जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से गिरिराज सिंह के बेबसी के आंसू के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सरकार के इकबाल में कोई कमी नहीं आई है. हमने कार्रवाई की और उसी का नतीजा है कि लोग जेल में हैं. हम जनता में भेदभाव नहीं करते हैं, लेकिन कुछ लोग गलत अफवाह फैलाकर कर समाज को दूषित करना चाहते हैं.
उन्होंने कहा कि आज समाज में मर्यादाहीन वातावरण बनता जा रहा है. पूरे समाज का वातावरण बिगड़ता जा रहा है, लेकिन हम किसी भी बिंदू पर समझौता नहीं करते हैं. हमारी सरकार कानूनी तौर पर काम करती है, ना हम किसी को बचा रहे हैं और ना ही फंसा रहे हैं. कोई कुछ बोलता है तो बोलता रहे. हम पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं और अपने एक्शन से जवाब देते हैं.