बिहार के शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी पर लगा भ्रष्टाचार का मामला बढ़ता जा रहा है. एक तरफ मेवालाल को हटाने की मांग की जा रही है, जबकि डिप्टी सीएम रेणु देवी खुद बचाव कर रही हैं. डिप्टी सीएम रेणु देवी ने कहा कि सिर्फ चार्ज लग जाने से कोई दोषी नहीं हो जाता है. मेवालाल जी अच्छे और सुलझे हुए नेता हैं.
डिप्टी सीएम रेणु देवी ने सत्ता पक्ष और विपक्ष को एक सिक्के का दो पहलू बताया. साथ ही पंद्रह साल बनाम पंद्रह साल की चर्चा करते हुए डिप्टी सीएम रेणु देवी ने बताया कि विपक्ष को काम करने की आदत ही नहीं है. आपको बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को मंत्री मेवालाल चौधरी को तलब किया था.
क्या है पूरा मामला
2017 में मेवालाल चौधरी पर भागलपुर के सबौर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति रहते हुए नौकरी में भारी घपलेबाजी करने का आरोप है. उन पर आरोप है कि कुलपति रहते हुए उन्होंने 161 असिस्टेंट प्रोफेसर की गलत तरीके से बहाली की. इस मामले को लेकर उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज है.
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बिहार के तत्कालीन राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने उस वक्त मेवालाल चौधरी के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे. जांच में मेवालाल चौधरी के खिलाफ लगे आरोपों को सही पाया गया था. उन पर सबौर कृषि विश्वविद्यालय के भवन निर्माण में भी घपलेबाजी का आरोप है.
लालू ने साधा था निशाना
आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने कहा था, 'तेजस्वी ने जहां पहली कैबिनेट में पहले कदम से 10 लाख नौकरियां देने को प्रतिबद्धता, वहीं नीतीश ने पहली कैबिनेट में नियुक्ति घोटाला करने वाले मेवालाल को मंत्री बनाकर अपनी प्राथमिकता बता दी.'