बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गुप्तेश्वर पांडेय ने अपने इस्तीफे की खबर को अफवाह बताया है. उन्होंने कहा कि अभी बिहार के एक पोर्टल न्यूज ने मेरे नौकरी से इस्तीफा देने के बारे में एक झूठी खबर चला कर सनसनी फैला दी है. इसको किस स्तर की पत्रकारिता कहेंगे आप?
दरअसल, रविवार शाम खबर आई थी कि डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने इस्तीफा दे दिया है. इस खबर के बाद बिहार की सियासी और प्रशासनिक गहमागहमी बढ़ गई थी. इसके बाद डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने खुद सफाई दी कि यह खबर झूठी है. उन्होंने खबर चलाने वाले पोर्टल पर अपना गुस्सा निकाला.
गौरतलब है कि 1987 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस अफसर गुप्तेश्वर पांडेय ने 2009 में लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए वीआरएस लिया था. वे बीजेपी के टिकट पर बक्सर सीट से लड़ना चाहते थे. टिकट नहीं मिलने पर आईपीएस गुप्तेश्वर पांडेय ने वीआरएस वापस लेने की अर्जी दी थी.
गुप्तेश्वर पांडेय की अर्जी को नीतीश सरकार ने मंजूर करके करीब 9 महीने बाद उन्हें एक बार फिर सर्विस में रख लिया और 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्हें प्रमोशन देते हुए बिहार का डीजीपी बना दिया गया. एक्टर सुशांत सिंह केस के दौरान डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय अपने बयानों के कारण सुर्खियों में हैं.
बीते दिनों ही डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने रिया चक्रवर्ती को औकात याद दिलाई थी. इसके बाद वह सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए थे. रिया चक्रवर्ती के बयानबाजी पर डीजीपी ने कहा था कि बिहार के सीएम पर कमेंट करने की औकात रिया चक्रवर्ती की नहीं है. मैं इस बात को दोहरा रहा हूं कि रिया चक्रवर्ती की हैसियत नहीं है कि वो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर टिप्पणी करे.