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बिहार में बाढ़: बूढ़ी गंडक उफनाई, 70 साल पुराने जर्जर पुल की हालत खस्ता, हजारों जानों पर खतरा

बिहार (Bihar) में बाढ़ (Flood) की स्थिति भयावह बनी हुई है और इसी बीच समस्तीपुर (Samastipur) शहर से एक डराने वाली तस्वीर सामने आई है. समस्तीपुर शहर के बीच से गुजरने वाली बूढ़ी गंडक नदी (Budhi Gandak River) खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है.

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बिहार में बाढ़ की स्थिति भयावह बनी हुई है.
बिहार में बाढ़ की स्थिति भयावह बनी हुई है.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • खतरे के निशान के ऊपर बह रही बूढ़ी गंडक
  • 1951 में बना था लोहे का यह पुल
  • बढ़ते जलस्तर से पुल के टूटने का खतरा

बिहार (Bihar) में बाढ़ (Flood) की स्थिति भयावह बनी हुई है और इसी बीच समस्तीपुर (Samastipur) शहर से एक डराने वाली तस्वीर सामने आई है. समस्तीपुर शहर के बीच से गुजरने वाली बूढ़ी गंडक नदी (Budhi Gandak River) खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है और हालात ऐसे हैं कि शहर के दो हिस्सों को जोड़ने के लिए बनाया गया एक पुराना लोहे का पुल अब बूढ़ी गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण खतरे में है.

दरअसल, समस्तीपुर शहर के दो हिस्सों को जोड़ने वाला यह पुराना लोहे का पुल तकरीबन 70 साल पुराना है. जानकारी के मुताबिक इस लोहे के पुल का निर्माण 1951 में किया गया था .मगर आज इस पुल की हालत बेहद जर्जर हो गई है. यह लोहे का पुल पूरी तरीके से जंग खा चुका है और कई जगहों से टूट भी चुका है.

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बूढ़ी गंडक नदी पर बने इस लोहे के पुल को लेकर जो सबसे ज्यादा खतरे की बात है वह यह कि प्रशासन के द्वारा इस पुल के इस्तेमाल पर रोक लगाए जाने के बावजूद भी इस पर रोजाना हजारों लोगों का आना जाना होता है और साथ ही इस पुल पर फल, बर्तन, मसाला और कपड़े आदि की सैकड़ों दुकानें भी लगती हैं.

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बताया जाता है कि यह जर्जर पुल किसी भी दिन धराशाही हो सकता है मगर इसके बावजूद भी स्थानीय प्रशासन इसे पूरी तरीके से बंद करने में असमर्थ दिखता है जो बहुत बड़ी लापरवाही है. अब जब बूढ़ी गंडक नदी का पानी इस पुल को छूकर गुजर रहा है ऐसे में इस पुल के धराशाई होने का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है और कभी भी कोई बड़ी घटना घटने की आशंका बनी हुई है.

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