
बिहार में नीतीश सरकार ने 5 अप्रैल से 11 अप्रैल तक स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया है. वहीं कोरोना दिशानिर्देशों का पालन करते हुए तय परीक्षाओं को कराने के निर्देश भी दिए गए हैं. वहीं अप्रैल के अंत तक शादी और अन्य पारिवारिक कार्यों को छोड़कर सार्वजनिक स्थानों पर सभी सरकारी और निजी सभाओं के आयोजन पर रोक लगा दी है.
बिहार में बढ़ते संक्रमण के मामले को देखते हुए राजधानी पटना में और ज्यादा सतर्कता रखने के निर्देश जारी किए गए हैं. पटना डीएम चंद्रशेखर सिंह ने अप्रैल 1-9 अप्रैल तक राजधानी में विशेष सतर्कता अभियान चलाने का निर्देश दिया हुआ है जिसके तहत लोगों को मास्क पहनना और समाजिक दूरी बनाए रखने के लिए जागरूक किया जाएगा.
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए आपदा प्रबंधन समूह (CMG) का निर्णय
- बिहार में 11 अप्रैल तक सभी स्कूल, कॉलेज और कोचिंग 11 अप्रैल तक बंद रहेंगे.
- पहले से निर्धारित परीक्षाएं कोरोना प्रोटोकॉल को फॉलो करते हुए संचालित की जा सकेंगी.
- 5 अप्रैल से अप्रैल महीने के अंत तक शादी, श्राद्ध और पारिवारिक कार्यक्रमों को छोड़कर सभी सरकारी और निजी सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक रहेगी.
- शादी में 250 और श्राद्ध में अधिकतम 50 लोगों के शामिल होने की अनुमति होगी.
- 30 अप्रैल तक सरकारी कार्यालयों में सामान्य लोगों के आने पर रोक रहेगी.
- 5 अप्रैल से 15 अप्रैल तक पब्लिक ट्रांसपोर्ट में अधिकतम 50 फीसदी क्षमता के साथ ही यात्रा होगी.
बिहार में बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले
बिहार में कोरोना के मामलों की संख्या लगातार बढ़ने लगी है. सूबे में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 संक्रमण के 662 नए मामले सामने आए हैं जिसके बाद अब प्रदेश में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 2363 पहुंच गई है. राजधानी पटना में भी संक्रमण लगातार तेजी से फैल रहा है और पिछले 24 घंटे में यहां 208 संक्रमण के नए मामले सामने आए हैं. पटना में इस वक्त 958 सक्रिय मामले हैं. वहीं गुरुवार को पटना में 174 मामले सामने आए थे.
बिहार में शुक्रवार को संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 2363 तक जा पहुंचा है. पटना के बाद जिन जिलों में संक्रमण की रफ्तार बेलगाम है उनमें भागलपुर (कुल 133), जहानाबाद (कुल 117), गया (कुल 95) और अररिया (कुल 90) शामिल है.स्वास्थ विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक से 24 घंटे में बिहार में 63846 सैंपल की जांच हुई है.