बिहार के हाजीपुर में इंडस्ट्रीयल एरिया में बड़ा हादसा हो गया है. यहां एक डेयरी फैक्ट्री में अमोनिया गैस लीक हो गई है. हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई. 100 से ज्यादा लोगों की हालत बिगड़ गई. इनमें 35 का सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है. घटना के बाद इलाके में भगदड़ मच गई. घटना के वक्त फैक्ट्री में मजदूर काम कर रहे थे. जहरीली गैस रिसाव से मजदूरों की हालत बिगड़ गई है. कई की हालत गंभीर है. इन मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
जानकारी के मुताबिक, मौके पर DM, SP समेत जिले का प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे. पुलिस-प्रशासन की टीमों ने हालात संभाले. फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां पहुंचीं और गैस लीक की रोकथाम में लग गईं. बिहार के बाहर की टीमों को भी बुलाया गया है. मौके पर SDRF की टीम को तैनात किया गया.
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राहत और बचाव कार्य में लगी टीमें
राज फ्रेश दूध फैक्ट्री को खाली कराया गया है. राहत और बचाव कार्य में तेजी लाई गई है. मरने वाले की पहचान नहीं हो पाई है. एसडीआरएफ की टीमें भी लगी हैं. 4 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी तक गैस की गंध फैली, जिसमें दर्जनों लोग बीमार हो गए. गैस की दुर्गंध के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई. एक किलोमीटर दूर स्थित राजपूत कॉलोनी से लेकर पासवान चौक और नगर थाना तक गैस की दुर्गंध पहुंची, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए. कई लोग भगदड़ में भी जख्मी हुए हैं. सदर अस्पताल समेत निजी अस्पतालों में भी मरीजों को भर्ती कराया गया है.
गैस के रिसाव पर काबू पाया गया
फैक्ट्री से अमोनिया गैस के रिसाव पर काबू पा लिया गया है. यह रिसाव रात करीब 9:45 बजे शुरू हुआ था. जैसे ही जिला प्रशासन को सूचना मिली तो एसडीआरएफ के नेतृत्व में तुरंत अभियान चलाया गया और रिसाव को रोकने में सफलता पाई गई. इस बीच कुछ लोग इसके प्रभाव में भी आए. जिन लोगों की तबीयत बिगड़ी है, उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जिला प्रशासन ने कहा कि घबराने या पैनिक होने की जरूरत नहीं है. अब स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है. हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. अगर किसी व्यक्ति को कोई परेशानी हो रही हो तो सदर अस्पताल में आकर इलाज करा सकते हैं.
हैरत की बात यह है कि जितने भी लोग अस्पताल पहुंचे हैं, उनमें से अधिकांश लोग या तो राहगीर हैं या फिर फैक्ट्री से दूर के मोहल्लों में रहने वाले हैं लेकिन राज फ्रेश डेयरी के अंदर काम करने वाले मजदूर या कर्मियों की संख्या कम है. फिलहाल, यह पता नहीं चल सका है कि घटना के वक्त फैक्ट्री में कितने लोग मौजूद थे और उनकी हालत क्या है. प्रशासन ने दावा किया है कि सबकुछ नियंत्रण में है.