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लालू यादव की तबीयत बिगड़ी, एयर एंबुलेंस से दिल्ली रवाना

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव का क्रिएटिनिन लेवल 4.1 से बढ़कर 4.6 हो गया है. लालू की तबीयत को देखते हुए मेडिकल बोर्ड की बैठक बुलाई गई.

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लालू प्रसाद यादव (File Photo)
लालू प्रसाद यादव (File Photo)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • चारा घोटाले में 21 फरवरी को सुनाई गई थी 5 साल की सजा
  • पहले भी खराब हो चुकी है लालू प्रसाद यादव की तबीयत

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की सेहत एक बार फिर बिगड़ गई है. लालू यादव को तबीयत बिगड़ने पर रांची रिम्स के चिकित्सकों ने दिल्ली एम्स के लिए रेफर कर दिया है. लालू यादव को एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाया जा रहा है. वे दिल्ली एम्स के लिए रवाना हो गए हैं. लालू यादव को ले जाने के लिए रिम्स से एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया. 

बताया जा रहा है कि उनका क्रिएटिनिन लेवल 4.1 से बढ़कर 4.6 हो गया है. लालू की तबीयत को देखते हुए मेडिकल बोर्ड की बैठक बुलाई गई. रिम्स मेडिकल बोर्ड के डॉक्टरों की मीटिंग के बाद उन्हें एम्स भेजने को लेकर फैसला किया गया.

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लालू को पिछले महीने सुनाई गई 5 साल की सजा

इससे पहले  21 फरवरी को लालू प्रसाद यादव (lalu prasad yadav) को डोरंडा कोषागार से जुड़े चारा घोटाले में पांच साल की सजा सुनाई गई थी. उनपर 60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया थी. सीबीआई की स्पेशल कोर्ट के जज एसके शशि ने यह फैसला सुनाया था. 

डोरंडा कोषागार का मामला चारा घोटाले का सबसे बड़ा मामला था. चारा घोटाले में लालू यादव को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया था. सीबीआई की तरफ से कहा गया था कि लालू यादव जब वित्त मंत्री, मुख्यमंत्री थे तो उनकी नाक के नीचे यह सब कुछ हुआ, यानी यह सब उनकी जानकारी में था.

सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने 15 फरवरी को लालू यादव समेत अन्य आरोपियों को को 139.5 करोड़ रुपये के डोरंडा कोषागार से जुड़े चारा घोटाले में दोषी पाया था. कोर्ट ने तब सजा का ऐलान नहीं किया था. आज कोर्ट की कार्यवाही ऑनलाइन हुई, लालू ऑनलाइन ही इसमें शामिल हुए.

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किस केस में लालू को हुई कितनी सजा?

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू यादव को चारा घोटाले से जुड़े अन्य चार मामलों (दुमका, देवघर और चाईबासा) में पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है. इसमें उनको कुल 14 साल की सजा हुई है. वहीं जुर्माने के तौर पर उनको अबतक 60 लाख रुपये देने पड़े थे.चाईबासा से जो पहला मामला (37 करोड़ की अवैध निकासी) था उसमें लालू को पांच साल की सजा हुई थी. देवघर कोषागार से (79 लाख की निकासी) में लालू को 3.5 साल की सजा हुई थी. फिर चाईबासा के दूसरे मामले (33.13 लाख की अवैध निकासी) में उन्हें पांच साल की सजा हुई थी. फिर दुमका कोषागार (3.13 करोड़ की निकासी) के मामले में सात साल की सजा लालू को सुनाई गई थी.

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