राजनीति में कोई किसी का न स्थायी दोस्त होता है और न ही दुश्मन. राजनीतिक रिश्ते अपनी जगह होते हैं और आपसी रिश्तों की अपनी जगह होती है, लेकिन जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से फोन पर उनके सेहत के बारे में जानकारी हासिल की तो पटना के राजनीतिक गलियारे में हलचल होने लगी.
आरजेडी सुप्रीमो और और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव का मुंबई के एक अस्पताल में फिस्टुला का ऑपरेशन पिछले रविवार को हुआ. जबकि सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फोन कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली, लेकिन मीडिया में यह खबर मंगलवार को फैली.
मीडिया में नीतीश के लालू से फोन पर बात करने की खबर आने के बाद लालू के छोटे बेटे तेजस्वी इस पर बहुत ज्यादा खुश नहीं हुए.
उन्होंने ट्वीट के जरिए तंज कसते हुए कहा कि लालू यादव का फिस्टुला का ऑपरेशन रविवार को हुआ था, और यह कुछ नहीं बल्कि देरी से किया गया कर्टसी कॉल था. उन्होंने लालू के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली, लेकिन आश्चर्य है कि नीतीश ने पिछले चार महीने से बीमार उनका हालचाल नहीं लिया. आज फोन कर पूछा. शायद उन्हें पता चला कि बीजेपी और एनडीए के लोग अस्पताल जाकर उनका हालचाल पूछ रहे हैं, इसलिए उन्होंने भी फोन कर लिया.
नीतीश की ओर से लालू को फोन करने की खबर आने से कुछ देर पहले ही प्रतिपक्ष के नेता और लालू के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार को चाचा कहके खूब खरी-खोटी सुनाई और कहा कि नीतीश के लिए अब महागठबंधन में वापसी का कोई विकल्प नहीं बचा है.Nothing but a late courtesy call to enquire abt his health as he underwent fistula operation on Sunday.Surprisingly NitishJi got to knw abt his ill health after 4months of hospitalisation.I hope he realises he is last politician to enquire following BJP/NDA Ministers visiting him https://t.co/lw7cNmXhDL
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) June 26, 2018
यह महज कर्टसी कॉलः नीतीश
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किसी भी तरह के सियासी कयास पर विराम देते हुए कहा, 'राजनीतिक रिश्तों के साथ-साथ सामाजिक रिश्ते भी होते हैं, लालू प्रसाद का ऑपरेशन हुआ है तो उनके सेहत को लेकर उनसे बातचीत हुई. ये एक कर्टसी कॉल थी और कुछ नहीं. मैं पहले भी लालू के सेहत के बारे में जानकारी लेता रहा हूं.'
देखा जाए तो पिछले कुछ दिनों से नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जेडीयू के हाव-भाव बदले हुए हैं. मुख्यमंत्री एक के बाद विरोधाभासी बयान दे रहे हैं जिससे बिहार में राजनीति में ट्वीस्ट आता दिख रहा है.
बेटे की शादी में हुए थे शामिल नीतीश
हालांकि इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 11 जून को लालू को ट्वीट कर उनके जन्मदिन पर बधाई दी थी और उनके शीघ्र स्वस्थ्य होने की शुभकामना भी दी थी. पिछले महीने लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव की शादी में भी वह शामिल हुए थे. तब लालू ने उठकर उनका स्वागत भी किया था.