इंडियन मुजाहिद्दीन (आईएम) के आतंकी यासीन भटकल की गिरफ्तारी को लेकर बिहार में छिड़े सियासी घमासान पर आखिरकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुप्पी तोड़ी है.
उन्होंने कहा है कि हमारी पुलिस सिर्फ काम में विश्वास करती है ना कि श्रेय लेन में. हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि राज्य की पुलिस ने बेहतरीन काम किया और ऑपरेशन को अंजाम देने वाले पुलिसकर्मियों को ईनाम भी मिलेगा. वहीं, उन्होंने बीजेपी पर इस मुद्दे को लेकर बेवजह राजनीति करने का आरोप लगाया है.
दरअसल, बीजेपी ने जेडीयू पर आरोप लगाया था कि वोटबैंक की राजनीति की वजह से राज्य की पुलिस आईएम के आंतकी यासीन की गिरफ्तारी का क्रेडिट नहीं ले रही है.
बीजेपी के इन आरोपों को राज्य के डीजीपी अभयानंद के रवैये से भी दम मिला. जब पटना में पुलिस मुख्यालय में उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी तो अपनी पुलिस की तारीफ में एक भी शब्द नहीं कहा था. जिसके बाद विपक्ष ने सवाल उठाया था कि क्या बिहार पुलिस जानबूझकर इस मामले पर चुप है?
हालांकि, विवादों के बीच सोमवार को नीतीश कुमार मीडिया से रूबरू हुए. उन्होंने कहा, 'बिहार पुलिस सिर्फ काम में विश्वास करती है ना कि श्रेय लेन में. पुलिस का काम क्रेडिट लेना नहीं है. '
बिहार पुलिस की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, 'राज्य पुलिस ने बिल्कुल प्रोफेशनल अंदाज में काम किया. यह तारीफ के योग्य है. यह बिहार पुलिस के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है. बीजेपी बेवजह सवाल उठा रही है. सत्ता से बाहर होने के बाद वे बेचैन हो गए हैं.' नीतीश कुमार ने इस ऑपरेशन को अंजाम देने वाले पुलिसकर्मियों को ईनाम देने की भी बात कही.
यासीन भटकल को बिहार का दामाद भी घोषित कर सकती है जेडीयू!
इस मुद्दे पर पहला सियासी हमला बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने किया था. सुशील मोदी ने ट्वीट किया था 'इशरत जहां को बेटी बताने वाली जेडीयू पार्टी यासीन भटकल को बिहार का दामाद भी घोषित कर सकती है (क्योंकि उसकी शादी समस्तीपुर में हुई है)'. इससे पहले उन्होंने ट्वीट किया था, 'छोटे अपराधियों को गिरफ्तार करने का श्रेय लेने वाली बिहार पुलिस यासीन भटकल की गिरफ्तारी का श्रेय क्यों नहीं ले रही है? क्या यह वोट बैंक की राजनीति की वजह से है?'