बिहार में रामनवमी के दिन यानी 30 मार्च को हुई हिंसा की आग बुझी भी नहीं थी कि शनिवार रात को फिर से बिहार के दो अलग-अलग हिस्सों सासाराम और बिहार शऱीफ में हिंसा हो गई. वहीं इस मामले को लेकर अब राजनीति भी गर्माने लगी है. राज्य के हालातों को लेकर जहां गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से बातचीत की, तो वहीं RJD ने अमित शाह पर निशाना साधा है. उधर, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सीएम नीतीश के इस्तीफे की मांग की है.
अमित शाह की राज्यपाल से बातचीत के बाद RJD ने प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि ED और CBI से मन भर गया तो अमित शाह केंद्रीय सुरक्षाबलों को बिहार भेजने की बात कर रहे हैं. आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि अमित शाह को बिहार की नहीं, बल्कि 40 लोकसभा सीटों की चिंता है. उन्होंने कहा कि बिहार में नीतीश और तेजस्वी के नेतृत्व में कानून का राज है. साथ ही कहा कि गृह मंत्री बीजेपी शासित राज्यों में हिंसा की फिक्र करें.
उधर, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सीएम नीतीश से इस्तीफे की मांग की है. उन्होंने कहा कि बिहार में हो रही हिंसा की घटनाओं के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है, तो वह मुख्यमंत्री क्यों बने बैठे हैं? नीतीश अपने पद से इस्तीफा दे दें. क्योंकि बिहार पूरी तरह बंगाल के रास्ते पर जा रहा है. बंगाल में जैसे हिंदुओं के साथ हो रहा है, वही अब बिहार में शुरू हो चुका है. बिहार में भी अब गजवा-ए-हिंद वालों का बोलबाला है.
अमित शाह ने बिहार के हालात पर जताई चिंता
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को बिहार में सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की और स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से बात की. सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हिंसा के बाद बने हालात से निपटने के लिए राज्य प्रशासन की सहायता के लिए बिहार में अतिरिक्त अर्द्धसैनिक बल भेजने का फैसला किया है. वहीं, राज्यपाल ने शाह को राज्य के मौजूदा हालात से अवगत कराया.
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय का महागठबंधन सरकार पर हमला
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने बिहार की महागठबंधन सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है. पिछले 1 महीने में राज्य के अंदर अपराधिक घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है. नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव की सरकार को बिहार के विकास और कानून व्यवस्था से कोई मतलब नहीं है. बिहार में अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है. बीजेपी कभी भी साजिश नहीं करती है.
कांग्रेस नेता बोले- बिहार पर एटम बम गिरवा दें गृहमंत्री
अमित शाह और बिहार के राज्यपाल के बीच हुई बातचीत पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है. कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने विवादित बयान देते हुए कहा कि अमित शाह बिहार पर एटम बम गिरवा दें. बिहार की जनता बीजेपी को वोट नहीं कर रही, इससे वह बेचैन हैं.
उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि अमित शाह उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर वहां के राज्यपाल से बातचीत क्यों नहीं करते. यूपी में केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की संख्या क्यों नहीं बढ़ाई गई? लेकिन वह बिहार में अर्द्धसैनिक बलों की संख्या बढ़ाएंगे, क्योंकि यहां की जनता बीजेपी को वोट नहीं करती.
कमलनाथ ने भी साधा बीजेपी पर निशाना
बिहार में रामनवमी हिंसा पर कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा कि इतने सालों से रामनवमी पर जुलूस निकल रहे हैं, तब तो हिंसा नहीं हुई? यह सब अब इसलिए हो रहा है क्योंकि 2024 का चुनाव नजदीक आ रहा है.
10 पैरामिलिट्री की कंपनियों को बिहार भेजा गया
गृहमंत्री ने कहा कि कुछ कंपनियां बिहार के संवेदनशील इलाकों में तैनात की गई हैं और कुछ कंपनियां आज पहुंच जाएंगी. उन्होंने कहा कि अर्धसैनिक बलों की तैनाती राज्य पुलिस को सहयोग करने के लिए और राज्य में शांति स्थापित करने के लिए है. 10 पैरामिलिट्री की कंपनियों को बिहार भेजा गया है. इसमें CRPF, SSB और ITBP के जवान शामिल हैं.
ये भी देखें