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बिहार: मधुबनी में होली के दिन हुई पांच हत्याओं पर बीजेपी के मंत्री ने सरकार को घेरा

बेनिपट्टी थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव में होली के दिन रंगों से नहीं खून से होली खेली गई. जिसमें अबतक पांच लोगों की मौत हो गई है. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक करीब 30-35 की संख्या में आये अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दो लोगों की मौके पर ही हत्या कर दी थी. तीन लोगों ने अस्पताल जाते हुए या फिर अस्पताल में दम तोड़ा.

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नीरज सिंह बबलू, वन एवं पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री, बिहार
नीरज सिंह बबलू, वन एवं पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री, बिहार
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मधुबनी में होली के दिन पांच लोगों की हत्या
  • बीजेपी के मंत्री ने अपने ही सरकार पर साधा निशाना
  • कानून व्यवस्था पर खड़े हो रहे हैं सवाल

बिहार के मधुबनी में होली के दिन हुई पांच लोगों की हत्या का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ने लगा है. विपक्ष तो कानून व्यवस्था का सवाल उठा ही रहा है लेकिन अब सरकार में शामिल बीजेपी के मंत्री और विधायक भी इस मुद्दे को लेकर तल्ख हो रहे हैं. वन एवं पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री नीरज सिंह बबलू बेनीपट्टी के मोहम्मदपुर गांव पहुंचे. उन्होंने इस घटना को नरसंहार करार देते हुए कहा पुलिस में कुछ निकम्मे अधिकारी बैठे हुए हैं जिसकी वजह से इस तरह की घटनाएं हो रही हैं.

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उन्होंने कहा कि इस मामले में शामिल एक भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा. सबकी गिरफ्तारी होगी. दूसरी तरफ बीजेपी के विधायक ज्ञानेन्द्र सिंह ज्ञानू ने कहा कि अब समय आ गया है कि पुलिस पैसे के लिए शराब पकड़ना छोड़कर अपराधियों को पकड़े. 

बेनिपट्टी थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव में होली के दिन रंगों से नहीं खून से होली खेली गई. जिसमें अबतक पांच लोगों की मौत हो गई है. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक करीब 30-35 की संख्या में आये अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दो लोगों की मौके पर ही हत्या कर दी थी. तीन लोगों ने अस्पताल जाते हुए या फिर अस्पताल में दम तोड़ा. 

एक की हालत अभी गंभीर बनी हुई है. उस दिन होली थी. सारा गांव होली के उल्लास में था. इस खौफनाक मंजर से बिल्कुल अनजान, अचानक एक बजे दोपहर को गांव, गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा और होली का उल्लास मातम में बदल गया. इस घटना में तीन सहोदर भाई समेत पांच लोगों की जान चली गई. मरने वाले में से एक बीएसएफ में एएसआई राणा प्रताप सिंह भी थे जो होली की छुट्टी में अपने गांव आए थे.

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घटना के बारे में बताया जा रहा है कि तलाब में मछली मारने को लेकर विवाद चल रहा था. उसी विवाद को लेकर इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया गया. घटना के बाद पुलिस का रवैया भी काफी लापरवाही भरा रहा. एक तो पुलिस घटना के घंटों बाद पहुंची, जिससे लोगों में पुलिस के प्रति काफी आक्रोश है. दूसरी तरफ इसे जातीय हिंसा का रूप देने की भी कोशिश की गई है. 

हालांकि मुख्य आरोपी प्रवीण झा अभी भी फरार है. पुलिस ने 35 आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है, जिसमें में कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है. घटना के बाद से राजनीतिक दलों के नेताओं का लगातार दौरा मोहम्मदपुर गांव में हो रहा है. 

आरजेडी विधायक चेतन आनंद ने इस घटना के लिए सरकार और कानून व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया तो दूसरी तरफ सरकार में शामिल बीजेपी के मंत्री और विधायक भी सरकार और पुलिस को कठघरे में खड़ा करने में पीछे नहीं हैं. 

विधायक ज्ञानू ने कहा कि बिहार में काफी दिनों से नरसंहार बंद था लेकिन इस तरह से शुरुआत किसी तरह से क्षम्य नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार को जल्दी से जल्दी अपराधियों को गिरफ्तार कर फास्ट कोर्ट के जरिए फांसी की सजा दिलानी चाहिए. जेडीयू के प्रवक्ता संजय सिंह ने मोहम्मदपुर गांव जाकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है. 

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