बिहार के गया जिले के बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर परिसर और उसके आसपास पिछले सात जुलाई को हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद महाबोधि मंदिर की आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ और बिहार सैन्य पुलिस (बीएमपी) ने संभाल ली है.
महाबोधि मंदिर प्रबंधकारिणी समिति (बीटीएमसी) के सदस्य अरविंद सिंह ने बताया कि बीटीएमसी एवं श्रीलंका, म्यांमार और तिब्बत सहित अन्य बौद्ध मठों के प्रतिनिधियों के साथ स्थानीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की हुई बैठक में इस आशय का निर्णय लिए जाने के बाद महाबोधि मंदिर की आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ और बीएमपी ने संभाल ली है.
इस विस्फोट मामले में गया जिला के नक्सल प्रभावित बाराचट्टी थाना क्षेत्र से पकडे गए विनोद मिस्त्री को एनआईए ने अभी भी हिरासत में रखा हुआ है.
महाबोधि मंदिर में हुए विस्फोट स्थल से पुलिस ने बौद्ध भिक्षु का एक ‘चीवर’ बरामद किया था, जिसकी जेब से विनोद मिस्त्री का मतदाता पहचान पत्र मिला था.
ऐसी संभावना जताई जा रही है कि बम लगाने वाले बौद्ध भिक्षु के वेष में महाबोधि मंदिर परिसर में प्रवेश किए होंगे. बढई का काम करने वाले विनोद मिस्त्री के पिता रम्भाजु मिस्त्री और माता मटिया देवी उसे निर्दोष बता रहे हैं.
एनआईए की टीम 6 और 7 जुलाई की रात्रि में बोधगया से विभिन्न टेलीफोन और मोबाइल फोन नंबरों से अन्य स्थानों पर की गयी बातों का कॉल डाटा निकाल रही है.
6 और 7 जुलाई की रात्रि में बोधगया से दो मोबाइल फोन नंबरों से दिल्ली सहित अन्य स्थानों पर सबसे अधिक बातें और एसएमएस किये गयें हैं, जिसकी एनआईए द्वारा जांच की जारी है.