बिहार के जमुई जिले में शुक्रवार को नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में सीआरपीएफ का एक अफसर शहीद हो गया. जिले के खैरा और चरकापत्थर थाना क्षेत्र के लखारी गांव स्थित जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच सुबह से लेकर दोपहर करीब दो बजे तक मुठभेड़ चली. उधर, जवानों ने आरोप लगाया है कि मुठभेड़ के दौरान उन्हें पर्याप्त मदद नहीं मिली और वे प्रशासन के इस कदम से नाराज बताए जा रहे हैं.
जानकारी के अनुसार सीआरपीएफ के जवानों की ओर से लखारी गांव स्थित जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था. इसी दौरान उनका नक्सलियों से सामना हो गया. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कई घंटों तक गोलीबारी हुई. मुठभेड़ के दौरान सीआरपीएफ की 7वीं बटालियन के सेकेंड इन कमांड हीरा कुमार झा शहीद हो गए. सुरक्षाबलों ने चार नक्सलियों सहित सात संदिग्धों को भी पकड़ा है. इनमें से एक जोनल कमेटी कमांडर सिद्धू कोड़ा की पत्नी रीना है. पकड़े गए नक्सलियों के पास से राइफल, बंदूक और पुलिस से लूटे गए पिस्टल भी बरामद हुए हैं.
सुरक्षाबलों ने आरोप लगाया है कि मुठभेड़ के दौरान उन्हें स्थानीय प्रशासन से पर्याप्त मदद नहीं मिली. बताया जा रहा है कि सर्च ऑपरेशन के दौरान मौसम खराब होने की वजह से हेलिकॉप्टर की सुविधा मुहैया नहीं कराई जा सकी.
मुठभेड़ में शहीद हुए एचएन झा का परिवार नई दिल्ली में रहता है लेकिन इनका पुश्तैनी घर धनबाद में है. घटना की सूचना मिलते ही शहीद की पत्नी वीनू झा, बेटी कीर्ति (11) और बेटा शौर्य (08) दिल्ली से रांची होते हुए धनबाद के लिए रवाना हो गए. झा का अंतिम संस्कार धनबाद में ही किया जाएगा.