गुजरातियों को 'ठग' कहने के मामले में बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के खिलाफ अब 28 जून को अगली सुनवाई होगी. इस सुनवाई में ये तय होगा कि तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ेंगी या फिर उन्हें राहत मिलेगी.
शुक्रवार को एक तरफ जहां पटना में 17 विपक्षी दलों की महाबैठक चल रही थी वहीं दूसरी तरफ अहमदाबाद में तेजस्वी यादव मामले में अहम सुनवाई हो रही थी. इस मामले में शुक्रवार को कोर्ट में पांच गवाह पेश हुए. पेश हुए सभी गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं. अब कोर्ट इस मामले में 28 जून को अपना फैसला सुनाएगी. अगली सुनवाई में इस बात पर फैसला होगा कि उन्हें कोर्ट में मौजूद रहना है या फिर इससे उन्हें छूट मिलेगी.
बता दें कि तेजस्वी यादव पर आरोप है कि उन्होंने अपने बयान में सभी गुजराती को 'ठग' बताया था. इसके बाद उनके खिलाफ गुजरात के लोगों ने मानहानि का केस किया था.
तेजस्वी ने आखिर क्या कहा था ?
दरअसल भगौड़े कारोबारी नीरव मोदी को लेकर एक खबर आने पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी यादव न कहा था, 'आज देश के जो हालात है उसमें सिर्फ 'गुजराती ठग' हो सकते हैं, उनके ठग को माफ भी कर दिया जाएगा, बैंक और एलआईसी का पैसा दे दो फिर वह भाग जाएगा तो कौन जिम्मेदार होगा. दोस्त, यार जो भ्रष्टाचार कर रहे हैं उनके लिए इनका तोता पिंजरे से नहीं निकलता है.'
तेजस्वी यादव के इसी बयान को लेकर गुजरात के कारोबारी हरेश मेहता ने नाराज होकर 21 मार्च को तेजस्वी यादव के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज करवाया था. इसकी सुनवाई अहमदाबाद के एक कोर्ट में चल रही है. याचिकाकर्ता ने दायर याचिका में तेजस्वी यादव के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की थी और कहा था कि उन्होंने पूरी गुजरात के लोगों को ठग कहा था.