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जेडीयू और आरजेडी के बीच गहराया विवाद, मंत्री और सचिव में टकराव के बाद CM नीतीश ने बुलाई बैठक

बिहार में जेडीयू और आरजेडी के बीच विवाद गहरा गया है. शिक्षा मंत्री और अपर मुख्य सचिव के बीच टकराव के बाद सीएम नीतीश कुमार ने एक बैठक बुलाई जिसमें मंत्री चंद्रशेखर और अन्य मंत्री मौजूद रहे.

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बिहार में शिक्षा मंत्री और विभागीय सचिव में टकराव, सीएम नीतीश कुमार ने बुलाई बैठक
बिहार में शिक्षा मंत्री और विभागीय सचिव में टकराव, सीएम नीतीश कुमार ने बुलाई बैठक

पहले से ही कई तरह की परेशानियों का सामना कर रही बिहार की नीतीश सरकार के सामने एक नया संकट पैदा हो गया है. दरअसल सरकार के शिक्षा विभाग के अंदर मंत्री और विभागीय सचिव के बीच ठन गई है. बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर और विभागीय अपर मुख्य सचिव केके पाठक के बीच बढ़ते टकराव को देखते हुए आज सीएम नीतीश कुमार ने एक अहम बैठक बुलाई.

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सीएम आवास पर हुई बैठक में शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर को बुलाया गया जिसमें राज्य के वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी, मंत्री वीजेंद्र यादव भी पहुंचे. इस दौरान जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह भी सीएम आवास पर मौजूद रहे. सीएम नीतीश कुमार ने सबसे की बात की. मुलाकात के बात मंत्री चंद्रशेखर जब बाहर निकले तो पीत विवाद पर कुछ भी बोलने से बचे और सीधे निकल गए. 

क्या है मामला

मामला शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर की तरफ से विभागीय अपर मुख्य सचिव के के पाठक को पीत पत्र लिखे जाने का है. चंद्रशेखर अपने विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली से नाराज है और इस मामले में उन्होंने आईएएस अधिकारी और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक को पत्र लिखा था. अपने पीत पत्र में शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई हैय पीत पत्र गोपनीय होता है. इसके बावजूद उसे मीडिया में लीक किया गया है.

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क्या होता है पीत पत्र?

पीत पत्र को सरकारी भाषा में येलो पेपर भी कहा जाता है. आमतौर पर विभागीय कार्यवाही में मंत्री की हर बात मानने के लिए विभागीय अधिकारी बाध्य नहीं है लेकिन अगर मंत्री पीत पत्र के जरिए अधिकारियों को निर्देश देता है तो इसे मानने की बाध्यता होती है. ऐसे में यह समझा जाना चाहिए कि मंत्री चंद्रशेखर ने विभागीय अपर मुख्य सचिव को अपनी बात मानने के लिए बाध्य किया है.

आप्त सचिव के पर कतरे

विभाग ने आईएएस केके पाठक को पीत पत्र लिखने वाले मंत्री के आप्त सचिव के पर कतर दिए हैं. शिक्षा मंत्री के आप्त सचिव कृष्ण नंद यादव को केके पाठक से पंगा लेना महंगा पड़ा. इसके बाद पीत पत्र के जवाब में शिक्षा विभाग ने भी पीत पत्र जारी किया और मंत्री के आप्त सचिव को हटाने की मांग की. इसके बाद शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर की फ़ज़ीहत हो गई. 

तेज तर्रार अधिकारी माने जाते हैं पाठक

केके पाठक बिहार के तेजतर्रार सीनियर आईएएस अधिकारी माने जाते हैं. शिक्षा विभाग में कार्य शैली सुधारने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीते जून महीने में ही उन्हें शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पद की जिम्मेदारी दी थी.  इसके बाद बिहार में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया समेत शिक्षा में सुधार के लिए उनकी तरफ से कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गएय शिक्षक बहाली के नियमावली में डोमिसाइल नीति को लेकर विवाद भी देखने को मिला लेकिन अब शिक्षा मंत्री ने केके पाठक को ही पीत पत्र जारी कर दिया है. मंत्री चंद्रशेखर ने आरोप लगाया है कि सरकार के नियमों के मुताबिक अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं.

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जेडीयू और आरजेडी में गतिरोध

शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर आरजेडी कोटे से नीतीश कैबिनेट में मंत्री हैं. शिक्षक बहाली में डोमिसाइल नीति लागू नहीं किए जाने को लेकर बिहार के युवाओं की प्रतिभा पर शिक्षा मंत्री ने जिस तरह सवाल खड़े किए थे उससे पिछले दिनों राज्य के मुख्य सचिव ने पल्ला झाड़ लिया था. सरकार में लगातार शिक्षा विभाग को लेकर आरजेडी और जेडीयू के बीच गतिरोध देखने को मिल रहा है और ऐसे में शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर की तरफ से पीत पत्र जारी किए जाने के बाद मामला और तूल पकड़ता दिख रहा है.

आईएएस अधिकारी केके पाठक के भी कड़क मिजाज के माने जाते हैं और नीतीश कुमार उन पर बेहद भरोसा भी करते हैं ऐसे में शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर की तरफ से लिखे गए पत्र को केके पाठक के किस हद तक मानते हैं यह देखना भी दिलचस्प होगा. जाहिर है इस मामले को लेकर अभी विवाद की शुरुआत हुई है और आगे यह मामला और तूल पकड़ सकता है.


 

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