scorecardresearch
 

दिल्ली में ही शहाबुद्दीन को किया गया सुपुर्दे खाक, तेजस्वी यादव ने ट्विटर पर दी श्रद्धांजलि

बिहार के बाहुबली नेता और आरजेडी के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन का शनिवार को निधन हो गया था. वे कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे. कोरोना संक्रमित होने के बाद शहाबुद्दीन को दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

Advertisement
X
दिल्ली में दफनाए गए शहाबुद्दीन (फाइल फोटो)
दिल्ली में दफनाए गए शहाबुद्दीन (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिल्ली में ही सुपुर्दे खाक हुए शहाबुद्दीन
  • कोविड प्रोटोकॉल की वजह से नहीं भेजे गए बिहार
  • तेजस्वी यादव ने ट्विटर पर दी श्रद्धांजलि

बिहार के सीवान लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे मोहम्मद शहाबुद्दीन को सोमवार को दिल्ली के आईटीओ के कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक किया गया. परिवार ने मांग की थी शहाबुद्दीन की डेड बॉडी को सिवान ले जाने दिया जाए लेकिन प्रशासन ने कोविड गाइडलाइंस का हवाला देते हुए ऐसा करने से इनकार कर दिया था.

Advertisement

वहीं बिहार नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा “हम ईश्वर से मरहूम शहाबुद्दीन साहब की मग़फ़िरत की दुआ करते हैं और प्रार्थना करते हैं कि उन्हें जन्नत में आला मक़ाम मिले. उनका निधन पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है. राजद उनके परिवार वालों के साथ हर मोड़ पर खड़ी रही है और आगे भी रहेगी”.

बता दें बिहार के बाहुबली नेता और आरजेडी के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन का शनिवार को निधन हो गया था. वे कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे. कोरोना संक्रमित होने के बाद शहाबुद्दीन को दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां शनिवार को उपचार के दौरान शहाबुद्दीन का निधन हो गया. हत्या के मामले में सजायाफ्ता शहाबुद्दीन दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद थे.

तिहाड़ जेल के डीजी संदीप गोयल ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के बाहुबली नेता के निधन की पुष्टि करते हुए कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमित शहाबुद्दीन को 20 अप्रैल के दिन उपचार के लिए दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल की ओर से शहाबुद्दीन की मौत की सूचना मिली है.

Advertisement

दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस हफ्ते की शुरुआत में आप सरकार और जेल अधिकारियों को शहाबुद्दीन की उचित चिकित्सा देखभाल और निगरानी के निर्देश दिए थे. बिहार के सिवान जिले की एक विशेष अदालत ने नौ दिसंबर 2015 को शहाबुद्दीन और उनके सहयोगी को 2004 के दोहरी हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.

दो भाइयों सतीश और गिरीश रौशन की अगस्त 2004 में कथित तौर पर रंगदारी देने से इनकार करने के लिए हत्या कर दी गई थी. उनका तीसरा भाई राजीव रौशन, शहाबुद्दीन के लोगों द्वारा किए गए अपराध का गवाह था जिसे छह जून 2014 को अदालत में उनके खिलाफ गवाही देने जाने के समय रास्ते में हत्या कर दी गई.

शहाबुद्दीन एवं तीन अन्य को दोषी ठहराने एवं सजा दिए जाने को पटना उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय ने भी बरकरार रखा. उच्चतम न्यायालय के 15 फरवरी 2018 के एक आदेश के बाद राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व नेता को तिहाड़ जेल में स्थानांतरित किया गया था.
 

 

Advertisement
Advertisement