पटना के एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लो का बयान उनके गले की फांस बनता नजर आ रहा है. एसएसपी के खिलाफ अब राज्य के बाहर दिल्ली में मामला दर्ज कराया गया है. इसे लेकर बिहार पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है. दरअसल, एसएसपी ने कहा था कि PFI में RSS की तरह ही ट्रेनिंग दी जाती है. एसएसपी के बयान की आलोचना बिहार के साथ-साथ पूरे देश में की गई थी. सोशल मीडिया पर एसएसपी को लेकर नेगेटिव कमेंट की बाढ़ आ गई थी. बीजेपी कोटे से बिहार सरकार में मंत्री सम्राट चौधरी समेत नितिन नवीन के साथ कई भाजपा नेताओं ने सीएम नीतीश कुमार से एसएसपी को हटाने की मांग कर डाली थी.
दिल्ली के रहने वाले अश्विनी गुप्ता ने एसएसपी के खिलाफ हौज खास थाने में कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया है. बयान को लेकर बढ़ते विवाद बढ़ने पर पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लों सफाई दे चुके हैं. उन्होंने कहा था कि पूछताछ के आरोपियों ने जो कहा, वहीं उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा.
एसएसपी ने कहा कि जब आरोपियों से उनके काम करने के तरीके के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जैसे दूसरे संगठन अपने लोगों को शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाए रखने के नाम पर प्रशिक्षण देते हैं. वे भी ऐसा ही करते हैं. SSP ने जोर देकर कहा कि उन्होंने कभी भी एक संगठन की दूसरे के साथ तुलना नहीं की. एसएसपी का कहना है कि विवाद उनके बयान की चयनात्मक व्याख्या के कारण खड़ा हुआ. उन्होंने यह भी कहा कि हम किसी भी विवाद से विचलित हुए बिना जांच पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.
SSP के बयान पर भड़की थी बीजेपी
RSS की PFI से तुलना करने पर बीजेपी प्रवक्ता अरविंद कुमार सिंह ने कहा था कि पटना के SSP, PFI के प्रवक्ता की तरह बोल रहे हैं. उन्हें SSP के पद से हटा देना चाहिए. वहीं बीजेपी के फायर ब्रांड नेता और विधायक हरीश भूषण ठाकुर ने कहा था कि एसएसपी का बयान उनके मानसिक दिवालियापन को दिखाता है और उन्हें तुरंत अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए नहीं तो सरकार को उन्हें बर्खास्त कर देना चाहिए.
SSP के समर्थन में RJD और HAM
आरजेडी ने पटना एसएसपी के बयान का समर्थन किया था. आरजेडी पटना की ओर से ट्वीट किया गया था, 'पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक ने संघ की मोडस ऑपेरंडी के बारे में बिल्कुल सही कहा कि ये लोग शारीरिक प्रशिक्षण के नाम पर अपना प्रोपेगैंडा और घृणा फैलाते हैं! और किसी क्षेत्र में पांव जमने पर दंगे, मॉब लिंचिंग और अन्य सामाजिक सौहार्द विरोधी गतिविधियों को अंजाम देते हैं!"