अप्रैल के महीने में भीषण गर्मी और पारा 40 डिग्री के पार होने की वजह से बिहार के कई जिलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं और हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो रही है. ऐसे में पछुआ हवा ने इन घटनाओं में आग में घी डालने का काम किया है. जिसकी वजह से अगलगी की घटनाएं बढ़ गई हैं.
पिछले 2 दिनों में मुजफ्फरपुर, वैशाली, बेगूसराय, रोहतास और बेतिया में खेतों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आई हैं. मुजफ्फरपुर में पिछले 4 दिनों में 6 जगहों पर आग लगने की घटनाएं हुई हैं जिसमें लाखों की संपत्ति जलकर खाक हो गई. सबसे अधिक नुकसान मुसहरी प्रखंड के नरौली गांव में हुआ है. जहां एक साथ 35 घरों में आग लगने की घटनाओं की वजह से सैकड़ों एकड़ फसल जलकर बर्बाद हो गई और साथ ही मवेशियों की भी मौत हो गई.
फसल जलकर हुई खाक
वहीं मुजफ्फरपुर से लगे वैशाली जिले में गर्मी के कारण काफी नुकसान हुआ है. राघोपुर दियारा इलाके में 2 दिन पहले अचानक लगी आग की वजह से 100
एकड़ तैयार फसल महज कुछ मिनटों में राख में तब्दील हो गई. मलिकपुर गांव में 100 एकड़ में लगी गेहूं की फसल में आग लग गई और लाखों का
नुकसान हुआ. वैशाली जिले के सहदेई शेखूपुर और चकजमाल में लगी भयानक आग की वजह से 50 एकड़ में खड़ी फसल राख हो गई और आग में कई
कच्चे मकान भी जलकर खाक हो गए.
बेगूसराय के बरौनी थाना के अंतर्गत असुरारी गांव में गर्मी की वजह से बिजली के तार से निकली चिंगारी की वजह से लगभग 200 एकड़ से ज्यादा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई. 2 दिन पहले एक अन्य घटना में जिले की तीन अलग-अलग जगहों पर लगभग 50 एकड़ में लगी गेहूं की फसल जलकर खाक हो गई.
वहीं बिहार सरकार भीषण गर्मी और पछुआ हवा की वजह से हो रहीं अगलगी की घटनाओं को लेकर अब गांव में रहने वाले लोगों को जागरुक करने में लगी है. अखबारों में विज्ञापन के माध्यम से लोगों से अगलगी से कैसे बचें इसको लेकर उन्हें जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है.