बिहार के गोपालगंज में संदिग्ध हालत में 5 लोगों की मौत से हड़कंप मच गया. मृतकों की उम्र 25 से 65 साल के बीच बताई जा रही है. इस घटना के बाद से मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है. वहीं, दूसरी तरफ जिला प्रशासन ने पांच लोगों की मौत की वजह बीमारी, फूड प्वाइजनिंग और हार्ट अटैक बताया है. एक शव को पोस्टमार्टम गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में कराया गया बाकि शवों का दाह संस्कार कर दिया गया है.
बताया जा रहा है कि जहरीली शराब पीने से यह मौत हुई है. घटना बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों की है. मृतकों की पहचान सिरसा गांव 50 वर्षीय सिकंदर साह, बहरामपुर गांव के 55 वर्षीय सुरेश राम, इसी गांव का 30 वर्षीय टिंकु राम, बामो गांव के 25 वर्षीय पुत्र रोहित शर्मा और बैकुंठपुर गांव के 65 वर्षीय झगरू राम के रूप में की हुई है.
5 लोगों की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप
इस मामले पर गोपालगंज एसडीएम डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि ये सभी किसी न किसी बीमारी से ग्रसित थे. इलाज के दौरान अलग-अलग अस्पतालों में इनकी मौत हुई है. सिकंदर साह दमा के मरीज थे उन्हें सीने में जलन की दवा दी गई थी. 19 नवंबर को घर पर ही इनकी मौत हुई. बहरामपुर निवासी सुरेश राम की फूड प्वाइजनिंग से मौत हुई है.
गोरखपुर के अस्पताल में 19 नवंबर को मौत होने के बाद पोस्टमार्टम भी कराया गया है. बहरामपुर के रहने वाले मृतक टिंकू राम के बारे में बताया गया है कि वो नासिक में रहता था. नासिक में तबीयत ज्यादा खराब हुई. इसके बाद उसे घर लाया गया था. इलाज के लिए पटना लेकर जाया गया था लेकिन 20 नवंबर को उसकी मौत हो गई. वहीं. बामो गांव के निवासी मृतक रोहित शर्मा के बारे में कहा गया है कि मुंह-पेट चलने की शिकायत थी.
एसडीएम बोले- सबकी मौत की वजह अलग-अलग
स्थानीय अस्पताल में इलाज के बाद पटना ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही 18 नवंबर को मौत हो गई. पांचवें मृतक बैकुंठपुर निवासी झगरू राम के बारे में सदर अस्पताल में इलाज के दौरान 18 नवंबर को हार्ट अटैक से मौत हुई है. बीजेपी ने जहरीली शराब से मौत होने का आरोप लगा की जांच की मांग की है.
प्रदेश के महामंत्री मिथेलेश तिवारी का कहना है कि बैकुंठपुर थाना क्षेत्र से अत्यंत दुखद खबर आई है. जहरीली शराब पीने की वजह से पांच से छह लोगों की मौत हुई है. कई लोगों का इलाज अस्पताल में चल रहा है. आरोप है कि पुलिस प्रशासन इस मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है. मृतकों के परिजनों को डराया धमकाया जा रहा है.