
Flood in Bihar: बिहार बाढ़ से बेहाल हो चुका है. वैशाली जिला भी बाढ़ से त्रस्त है. सड़कों पर पानी भरा हुआ है. गंडक नदी में आई बाढ़ के कारण वैशाली जिले का लालगंज प्रखंड बुरी तरीके से प्रभावित हुआ है. दो दिन पहले जाफराबाद बांध टूट जाने की वजह से लालगंज प्रखंड में बाढ़ के हालात और ज्यादा खराब हो गए हैं.
इस इलाके से अस्पताल से लेकर स्कूल तक सभी पूरी तरीके से जलमग्न हैं. बाढ़ ने लालगंज प्रखंड में किस तरीके से तबाही मचाई है इसकी जमीनी हकीकत जानने के लिए आज तक की टीम बुधवार को इलाके में पहुंची तो हैरान करने वाली तस्वीरें सामने आईं.
बाढ़ के कारण लालगंज का रेफरल अस्पताल पूरी तरीके से पानी में डूबा हुआ है. अस्पताल के अंदर घुटने से ऊपर तक पानी भरा हुआ है जिसकी वजह से डॉक्टरों का चैंबर हो या एक्स-रे रूम या फिर लेबर रूम, हर तरफ केवल पानी ही पानी नजर आ रहा है.
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इस अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि वो नर्क जैसी व्यवस्था में काम करने को मजबूर हैं. डॉ. आरएन प्रसाद ने कहा, 'ये आपदा सब जगह आई है और पानी निकालने की कोई व्यवस्था नहीं है. पूरा शहर डूबा हुआ है. हम लोग क्या कोशिश करें? कैसे पानी निकालें? हम अपना काम कर रहे हैं. जो भी मरीज आ रहे हैं, उनका इलाज कर रहे हैं.'
वहीं, डॉ. जयराम प्रसाद ने कहा, 'हम लोग सड़े पानी में पैर रखकर काम कर रहे हैं. हम लोगों को ड्यूटी तो करना है इसीलिए ड्यूटी कर रहे हैं मगर प्रशासन को भी हमारे ऊपर ध्यान देना चाहिए.'
लेबर रूम के हालात तो इतने गंभीर हैं कि इस कमरे में भारी संख्या में मछलियां भी तैरती हुई नजर आ रही हैं. पानी भर जाने की वजह से यहां भर्ती मरीज भी परेशान हैं.
बिहार में बाढ़ से हालात बेहाल...
बिहार में बाढ़ से हालात लगातार बिगड़ते ही जा रहे हैं. पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, शिवहर, सीतामढ़ी, कटिहार, मुजफ्फरपुर, दरभंगा समेत कई जिले बाढ़ से प्रभावित हैं. गंगा और गंडक जैसी नदियां उफान पर हैं, जिससे इनसे सटे इलाकों में पानी भर गया है. इस बीच समस्तीपुर- दरभंगा रेलखंड के हायाघाट स्टेशन के पुल संख्या 16 पर बाढ़ का पानी आने से अगले आदेश तक रेल परिचालन बंद कर दिया गया है.