बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संस्थापक जीतन राम मांझी ने एक बार शराबबंदी को लेकर बयान दिया है. मांझी उन लोगों के समर्थन में आए हैं, जो बिहार में कम मात्रा में शराब का सेवन करते हैं. बता दें कि बिहार में शराबबंदी साल 2016 से ही लागू है.
जीतनराम मांझी ने नीतीश कुमार सरकार को उन लोगों को गिरफ्तार नहीं करने का सुझाव दिया है जो 250 ग्राम मात्रा में शराब का सेवन करते हैं. मांझी अपनी ही महागठबंधन सरकार पर बरसे और आरोप लगाया कि राज्य में केवल गरीब लोगों को शराब पीने के आरोप में गिरफ्तार किया जा रहा है.
क्या कहा है जीतनराम मांझी ने?
मांझी ने कहा कि शराबबंदी अच्छी बात है, लेकिन बिहार में समस्या इसके क्रियान्वयन में है जहां बहुत गड़बड़ियां हैं, जिसके कारण शराब तस्करों को पकड़ा नहीं जा रहा है. केवल 250 ग्राम शराब का सेवन करने वाले गरीब लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है. आज शराब पीने के आरोप में जेल में बंद लगभग 70% लोगों ने केवल 250 ग्राम शराब का सेवन किया है जो कम मात्रा में शराब पीते हुए पकड़े जाते हैं उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए.
HAM की बैठक में आई टिप्पणी
मांझी की टिप्पणी मंगलवार को दिल्ली में हिंदुस्तान आवाम मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान आई, जहां वह कम मात्रा में शराब का सेवन करने वाले शराब उपभोक्ताओं के समर्थन में सामने आए. गौरतलब है मांझी ने पहले भी बिहार में शराबबंदी की आलोचना की है और कानून की समीक्षा की मांग की है.
मांझी ने पहले भी दिया था बयान
इससे पहले जीतनराम मांझी ने कहा था कि बड़े लोग ठेकेदार, इंजीनियर, डॉक्टर, आईपीएस, आईएएस ये सभी लोग रात 10 बजे के बाद लिमिट में शराब पीते हैं, लेकिन दुनिया नहीं जानती कि वो शराब पीते हैं. शराब को लेकर गरीबों को सलाह देते हुए मांझी ने कहा था कि क्यों पीकर इधर-उधर करते हो, लिमिट में पीयो जैसे बड़े लोग पीते हैं, पकड़ने की बात इसलिए आती है क्योंकि तुम पीकर चौराहे पर घूमने लगते हो, इसलिए बड़े लोगों से सीखो, रात में लेना है तो लेकर सो जाओ और सुबह उठकर काम करो.