बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि बक्सर के नंदन गांव में उनके काफिले पर जो ग्रामीणों के द्वारा हमला किया गया, उस हमले में शामिल लोगों को न पकड़ा जाये. साथ ही जो गिरफ्तार हुए है, उनकी बेल का सरकार विरोध नहीं करेगी. नीतीश कुमार पटना में आयोजित जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती में बोलते हुए यह ऐलान किया. समीक्षा यात्रा के दौरान बक्सर के नंदनगांव 12 जनवरी को मुख्यमंत्री के काफिले पर हमला हुआ था, जिसमें कई सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे. हांलाकि मुख्यमंत्री सुरक्षित रहे.
इस अवसर पर नीतीश कुमार ने कहा कि यदि गांव में लोग भड़के नहीं होते तो हम उतर कर उनसे बात करते, लेकिन ढेले पत्थर चलने लगे. घटना की जांच चल रही है. हमने डीजीपी को कहा है कि इस घटना की ठीक से जांच कीजिए. इसमें किसी की भी धरपकड़ मत कीजिए, जब तक पूरी जांच नीचे जाकर नहीं करेंगे, तब तक मत पकड़िए और जो पकड़े गए हैं, उनकी बेल के लिए सरकार के तरफ से विरोध नहीं होगा. किसी ने ढेला चला भी दिया तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. 2012 में खगड़िया में भी पत्थरों की वर्षा हुई थी लेकिन हमने कहा, छोड़ो भाई हम ही पर बरसा रहा था, बरसाने दो. मेरा वास्ता इन सब चीजों से नहीं है जो लोग दिलचस्पी रखते हैं, वह रखें और भुगतेंगे.
इस मामले में अबतक 28 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि 50 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज है. मामले की जांच पटना के कमिश्नर आनंद किशोर और पटना क्षेत्र के आईजी नैय्यार हसनैन कर रहे हैं. प्रारभ्भिक जांच में ये बात सामने भी आई है कि हमला पूर्व नियोजित था.