बिहार के डीजीपी के पद से गुप्तेश्वर पांडेय वीआरएस ले चुके हैं. वहीं अब उनकी सियासी गलियारों में एंट्री को लेकर कयास और तेज हो चुके हैं. इस बीच गुप्तेश्वर पांडेय का कहना है कि उनके नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ गलत टिप्पणी की जा रही है.
गुप्तेश्वर पांडेय ने ट्वीट करते हुए कहा कि वो इस मामले में एफआईआर करने जा रहे हैं. गुप्तेश्वर पांडेय ने ट्वीट किया, 'मेरे नाम से फेक अकाउंट बना कर बिहार के माननीय मुख्यमंत्री के बारे में गलत टिप्पणी की जा रही है. अभी FIR कर रहा हूं. ऐसे साइबर अपराधियों से सावधान रहें कृपया.'
मेरे नाम से फ़ेक अकाउंट बना कर बिहार के माननीय मुख्यमंत्री के बारे में गलत टिप्पणी की जा रही है .अभी FIR कर रहा हूँ.ऐसे साइबर अपराधियों से सावधान रहें कृपया🙏
— IPS Gupteshwar Pandey (@ips_gupteshwar) September 24, 2020
बता दें कि बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने के बाद चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं. सुशांत सिंह राजपूत मामले पर बेबाक राय रखने वाले गुप्तेश्वर पांडे का नाम बीते दिनों कई बार सुर्खियों में रहा है. कभी मुंबई पुलिस से तनातनी तो कभी आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमाने की खबरें, वे हर बार सुर्खियों में रहे.
हालांकि गुप्तेश्वर पांडेय के राजनीति में आने की अटकलों की कई राजनीतिक पार्टियों ने आलोचना की है. वहीं, गुप्तेश्वर पांडेय का कहना है कि ऐसा होना स्वाभाविक है क्योंकि राजनीति में उनका कोई गॉडफादर नहीं है. उन्होंने कहा, मेरे पास 12 सीटों से चुनाव लड़ने का ऑफर है. मैं बिहार में कहीं से भी चुनाव लड़ सकता हूं और जीत हासिल कर सकता हूं. पूर्व डीजीपी ने यह भी कहा कि जब चोर, मवाली चुनाव लड़ सकते हैं तो मैं क्यों नहीं लड़ सकता.