जेडीयू में सियासी उठापटक को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने बीजेपी को आड़े हाथों लिया है. नीतीश कुमार के समर्थन में उतरे पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में जो हुआ वह स्वच्छ राजनीति का तकाजा नहीं है. बीजेपी नेतृत्व से अनुरोध है कि ऐसी गलती दोबारा ना हो पाए, इसका ख्याल रखें.
आगे जीतन राम मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार को कमजोर समझने वालों को शायद नहीं पता है कि HAM मजबूती से उनके साथ है. बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के 6 विधायकों को बीजेपी में शामिल कराने के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बीजेपी से काफी नाराज हैं.
अरूणाचल प्रदेश में जो हुआ वह स्वच्छ राजनीति का तक़ाज़ा नहीं है।.@BJP4India नेतृत्व से अनुरोध है कि ऐसी गलती दोबारा ना हो पाए इसका ख़्याल रखें।@NitishKumar जी को कमजोर समझने वालों को शायद नहीं पता है कि #HAM मज़बूती से उनके साथ है।
— Jitan Ram Manjhi (@jitanrmanjhi) December 30, 2020
पटना में जेडीयू राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी नेताओं को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने अरुणाचल समेत कई मुद्दों को लेकर बीजेपी के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की थी.
नीतीश कुमार ने कहा था कि उन्हें मुख्यमंत्री बनने की कोई भी लालसा नहीं थी. विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद उन्होंने बीजेपी से साफ कह दिया था कि जनता ने फैसला दे दिया है, कोई भी मुख्यमंत्री बने, चाहे तो बीजेपी का ही मुख्यमंत्री बने.
17 जेडीयू विधायक आरजेडी के संपर्क में
इधर, राष्ट्रीय जनता दल के नेता श्याम रजक ने बिहार की सियासत को लेकर बड़ा दावा किया. श्याम रजक ने कहा कि जेडीयू के विधायक बीजेपी की कार्यशैली से नाराज हैं और बिहार की एनडीए सरकार को गिराना चाहते हैं.
श्याम रजक ने कहा कि 17 जेडीयू विधायक आरजेडी के संपर्क में हैं और ये जल्द ही आरजेडी में शामिल होंगे. हालांकि उनके इस दावे को सीएम नीतीश ने सिरे से खारिज कर दिया और झूठा बताया.