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भाड़े पर बुलाए नर्स और कंपाउंडर, Video कॉल से डिलीवरी, जुड़वां बच्चों को जन्म देने के बाद महिला की मौत

पटना में बैठी अस्पताल संचालिका डॉक्टर ने पूर्णिया के एक शिशु रोग अस्पताल में भाड़े पर नर्स और कंपाउंडर बुलवाए. इसके बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये महिला की डिलीवरी कराई. मगर, ऑपरेशन के दौरान महिला की कोई नस कट जाने की वजह दो बच्चों को जन्म देने के कुछ घंटे बाद ही महिला की मौत हो गई. हालांकि, दोनों नवजात सही-सलामत हैं.

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मृतका की फाइल फोटो और उसकी मौत के बाद बिलखते परिजन.
मृतका की फाइल फोटो और उसकी मौत के बाद बिलखते परिजन.

बिहार के पूर्णिया में शिशु रोग अस्पताल में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. पटना में बैठकर डॉक्टर ने वीडियो कॉलिंग पर पेशेंट की डिलीवरी कराई. ऑपरेशन के बाद महिला ने दो बच्चों को जन्म दिया और इसके कुछ घंटे बाद ही उसकी मौत हो गई.

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आक्रोशित परिजनों ने घंटों सड़क जाम कर प्रशासन से न्याय की मांग की है. बता दें कि महिला की डिलीवरी के दौरान जुड़वां बच्चों को जन्म दिया है. मामला लाइन बाजार स्थित समर्पण मैटरनिटी एवं शिशु रोग अस्पताल का है.

हंगाम होता देख फरार हो गए डॉक्टर और कर्मचारी 

जानकारी के मुताबिक, सोमवार की रात एक महिला की ऑपरेशन कर डिलीवरी कराई गई. उसने दो जुड़वां बच्चों को जन्म दिया. मगर, कुछ घंटे बाद ही महिला की मौत हो गई. उधर, हंगामा होता देख अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी चुपके से फरार हो गए.

मौके पर पहुंचकर पुलिस ने कराया मामला शांत 

मृतिका गंगेली पंचायत के चपई गांव के रहने वाली 22 साल की पत्नी मालती देवी थी. उसके पति का नाम अभिनंदन गोस्वामी है. घटना की सूचना मिलते ही सहायक खजांची थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. परिजनों से बातचीत कर मामले को शांत करवाने की कोशिश की.

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मृतिका के चचेरे ससुर शशिधर कुमार गिरि ने बताया कि प्रसव पीड़ा उठने के बाद रविवार की देर शाम मालती को अस्पताल लाया गया था. उनके नगर के पास में ही रहने वाली महिला पूनम देवी ही इस अस्पताल तक लेकर आई थी. वह खुद को आशा कार्यकर्ता बता रही थी.

ऑपरेशन के दौरान नस कटने की बात कही थी- परिजन 

सोमवार दोपहर करीब 3 बजे प्रसूता को प्रसव कक्ष में ले जाया गया. रात करीब 10 बजे जब परिजनों ने प्रसव कक्ष से निकल रहे स्टाफ से पूछा, तो उनके द्वारा ऑपरेशन के दौरान नस कट जाने की बात बताई गई. 

इसके बाद परिवार के कुछ लोग अंदर गए, तो महिला मृत पड़ी हुई थी. हालांकि, मृतका के दोनों नवजात सही-सलामत हैं. शशिधर ने बताया कि बाद में उन्हें पता चला कि प्रसूता का ऑपरेशन वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पटना में बैठी अस्पताल संचालिका डॉक्टर सीमा कुमारी ने कराया था. इसके लिए उन्होंने भाड़े पर नर्स और कंपाउंडर बुलवाए थे.

मामले की जांच के लिए बनाई टीम- सिविल सर्जन 

घटना को लेकर पूर्णिया सिविल सर्जन डॉक्टर अभय प्रकाश चौधरी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम गठित कर जांच करवाई जा रही है. फिलहाल, उस निजी हॉस्पिटल के संचालक से संपर्क नहीं हो पा रहा है. बताया जा रहा है कि वे लोग फरार हैं. जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी जाएगी.

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वहीं, अस्पताल के संचालक डॉक्टर सीमा भारती और डॉक्टर राकेश कुमार से घटना को लेकर जानकारी प्राप्त करने के लिए उनके मोबाइल नंबर पर कई बार संपर्क किया गया. मगर, मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा है. साथ ही अस्पताल में कोई भी कर्मचारी वर्तमान में नहीं है न ही कोई डॉक्टर मिल रहे हैं.

कुकुरमुत्ते की तरह खुल रहे हैं अस्पताल- पप्पू यादव  

मामले में जन अधिकार पार्टी सुप्रीमो पप्पू यादव ने कहा कि कुकुरमुत्ते की तरह आ दिन अस्पताल खुल रहे हैं. इससे लोगों को अपनी जान गवानी पड़ रही है. उन्होंने पूर्णिया प्रशासन से लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों और कर्मियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है. साथ‌ ही पूर्णिया सिविल सर्जन को फोन कर इस अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की मांग की है.

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