बिहार में एनडीए को बहुमत वाला नंबर तो मिल गया लेकिन नीतीश कुमार को सीएम बनाए जाने को लेकर हर कोई निशाना साध रहा है. स्थानीय बीजेपी नेताओं के बाद अब आरजेडी नेता और राज्यसभा सांसद मनोज झा नीतीश कुमार को फिर से सीएम बनाने को लेकर ऐतराज जाहिर कर रहे हैं. रविवार को मीडिया से बात करते हुए मनोज झा ने कहा कि कोई शख्स महज 40 सीट पाकर मुख्यमंत्री कैसे बन सकता है. क्योंकि लोगों का जनादेश उनके खिलाफ गया है. उन्होंने प्रदेश को बर्बाद किया है. उन्हें इसपर विचार करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि बिहार अपना स्वाभाविक विकल्प ढूंढ़ लेगा. इस प्रकिया में सप्ताह, दस दिन या एक महीने का समय लग सकता है लेकिन ऐसा होगा.
How can someone become Chief Minister after getting 40 seats? People's mandate is against him, he is decimated & should decide on it. #Bihar will find its alternative, which will be spontaneous. It might take a week, ten days, or a month but it will happen: RJD leader Manoj Jha pic.twitter.com/SDaUMTc4AY
— ANI (@ANI) November 15, 2020
वहीं रविवार को प्रदेश में सरकार बनाने को लेकर हलचल तेज है. बीजेपी और जेडीयू के सभी नवनिर्वाचित विधायकों की अलग-अलग बैठक के बाद एनडीए विधायकों की बैठक हुई है. नीतीश कुमार को एनडीए का नेता चुन लिया गया है. यानी एक बार फिर नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री होंगे. इसके साथ ही सुशील मोदी को विधानमंडल दल का नेता चुना गया है. माना जा रहा है कि एक बार फिर दोनों की जोड़ी बिहार पर शासन करेगी.
महागठबंधन ने लगाया गिनती में धांधली का आरोप
बिहार चुनाव की गिनती को लेकर महागठबंधन की पार्टियों ने वोटों की गिनती में धांधली का आरोप लगाया और चुनाव आयोग का रुख किया. हालांकि चुनाव आयोग ने इन आरोपों से इनकार कर दिया. वोटों की गिनती की धांधली का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने कहा कि सरेआम प्रजातंत्र की हत्या हो रही है और जनमत का अपहरण हो रहा है. उधर, वोटिंग के दौरान भाकपा माले ने तीन सीटों पर फिर से गिनती कराने की मांग को लेकर चुनाव आयोग को भी पत्र लिखा.
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तेजस्वी यादव के मुरीद शरद पवार
बिहार चुनाव के नतीजों को लेकर शरद पवार ने कहा कि बिहार चुनाव के नतीजे जो भी हों लेकिन यह तो साफ है कि बिहार में परिवर्तन हो रहा है. बिहार चुनाव तेजस्वी बनाम बीजेपी था. तेजस्वी अकेले थे और उनके खिलाफ सारे अनुभवी नेता एकजुट थे. उन्होंने कहा कि इस चुनाव में खुद प्रधानमंत्री मोदी काफी दिलचस्पी ले रहे थे.
एक तरफ कम अनुभव वाले तेजस्वी थे तो दूसरी तरफ गुजरात के सीएम और फिर पीएम बने नरेंद्र मोदी थे. नीतीश कुमार भी दो तीन बार मुख्यमंत्री रहे हैं और केंद्र में भी मंत्रालय संभाला है. इनके सामने एक युवा था जो पहली बार चुनाव लड़ रहा है. ऐसे में तेजस्वी को जितनी भी सीटेें मिले काफी हैं. यह युवा पीढ़ी के नेताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा.
फडणवीस बोले- बिहार जंगलराज नहीं विकास चाहता है
देवेंद्र फडणवीस ने बिहार चुनाव के परिणाम को लेकर पार्टी के कार्यकर्ताओं को बधाई दी है और साथ ही विपक्ष पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने यह साफ कर दिया कि वो विकास चाहती है जंगलराज नहीं. उन्होंने कहा कि जनता ने मोदी जी के नेतृत्व पर मुहर लगाई है.
फडणवीस ने कहा कि बिहार में बीजेपी बिहार ने 110 सीटों पर चुनाव लड़ा और जितनी सीटें जीतीं, उसका प्रमाण 67% है. जो 2015 के चुनाव में 34% था. इसका पूरा श्रेय जाता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के गरीब कल्याण अजेंडा को और हमारे सभी कठोर परिश्रमी कार्यकर्ताओं को. मैं टीम बीजेपी बिहार को ढेर सारी बधाई देता हूं.