scorecardresearch
 

Indian Railways: कोहरे के कारण न लेट होंगी ट्रेनें, न होगा एक्सीडेंट... खास डिवाइस तैयार

रेलवे की ओर से कुहासे में भी ट्रेनों के परिचालन को सामान्य बनाए रखने ट्रेनों को (FSD) फॉग सेफ्टी डिवाइस से लैस किया गया है.

Advertisement
X
Indian Railways Device For Fog
Indian Railways Device For Fog

कोहरे की वजह से ट्रेन लेट ना हो इसके लिए रेलवे ने विशेष तैयारी की है. रेलवे की ओर से कुहासे में भी ट्रेनों के परिचालन को सामान्य बनाए रखने ट्रेनों को (FSD) फॉग सेफ्टी डिवाइस से लैस किया गया है. डीआरएम दानापुर सुनील कुमार ने बताया कि फॉग सेफ्टी डिवाइस मशीन से रेल चालक को यह मालूम हो जाता है कि आगे का सिग्नल कब आने वाला है या कौन सा स्टेशन आने वाला है. 

Advertisement

दानपुर के डीआरएम सुनील कुमार ने बताया कि लगभग 250 ट्रेनों में एंटी फॉग डिवाइस मशीन दिया गया है, ये ट्रेन कोहरे से लेट ना हों. यह मशीन ट्रेन में लोको पायलट को आगे आने वाले सिग्नल और प्लेटफार्म की जानकारी स्क्रीन पर लिखकर दिखाएगी. इससे लोको पायलट के लिए अपनी ट्रेन पर समय रहते कंट्रोल करना आसान हो जाएगा. 

इस तकनीक से ट्रेन की लेटलतीफ की समस्या से यात्रियों को निजात मिलेगी. साथी ही कोहरे के कारण जो ट्रेन दुर्घटना होती थी उससे बचा भी जा सकेगा. डीआरएम ने कहा कि ठंड के मौसम में रेल पटरियों के चटकने की संभावना रहती है, इसके सुरक्षा के लिए पेट्रोलिंग मैन और ट्रैक मैन को जीपीएस सिस्टम दिया गया है.

रेलवे की इस पहल से यात्रियों को तो सुविधा होगी ही, साथ ही लोको पायलट भी इस मशीन को ट्रेन में लगाए जाने के बाद आने वाली समस्या से निजात पा लेंगे. उन्हें कुहासे के कारण आगे की स्थिति पता लगाने में दिक्कत नहीं होगी और वो सुरक्षित ट्रेन को प्लेटफॉर्म पर लगा सकेंगे.

Advertisement

देखें: आजतक LIVE TV

लोको पायलट धनंजय कुमार ने बताया कि हमारे विभाग के द्वारा FSD डिवाइस मिलने से हम लोगों को बहुत सुविधा मिली है. यह मशीन सिग्नल को पहले ही लोकेट कर देता है कि अब यह स्टेशन आने वाला है. यह मशीन सिग्नल के साथ-साथ हॉल्ट गेट की जानकारी भी देता है. इससे ट्रेन को कंट्रोल करने में काफी मदद मिलती है. अब ट्रेन को लेट होने की संभावना कम रहेगी.

लोको पायलट सुनील कुमार पासवान ने बताया कि पहले कोहरे से सिग्नल दिखाई नहीं देता था लेकिन रेलवे के द्वारा FSD मशीन मिलने से काफी सुविधा है. यह पहले ही सिग्नल को इंडिकेट कर देता है.

(मानेर से मनोज कुमार सिह की रिपोर्ट)

 

Advertisement
Advertisement