बिहार में सियासी उथल-पुथल के बीच शराबबंदी को लेकर बहस भी फिर से शुरू हो गई है. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और सत्ताधारी महागठबंधन के घटक दल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने शराबबंदी को लेकर बड़ा बयान दिया है. बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने फिर से शराबबंदी का राग अलाप दिया है.
जीतन राम मांझी ने बोधगया को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के दर्जे को लेकर एक सवाल पर शराबबंदी का राग छेड़ दिया. जीतन राम मांझी ने बिहार में लागू शराबबंदी समाप्त करने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि बोधया को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल कहने से काम नहीं चलेगा. जीतन राम मांझी ने कहा कि बोधगया अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल कहने से अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल नहीं बन जाएगा.
उन्होंने कहा कि विदेशी मेहमानों के खाने-पीने की चीजों का भी प्रबंध करना होगा तभी ये अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल बन पाएगा. हम पार्टी के प्रमुख ने कहा कि विदेशों से आने वाले पर्यटक यहां रुक नहीं रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने भी अपनी बात रखेंगे और उनसे अंदर ही अंदर शराबबंदी को समाप्त करने की भी मांग करेंगे.
जीतन राम मांझी ने साथ ही ये भी साफ किया कि डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से भी हम ये कहेंगे कि शराबबंदी को समाप्त करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से चर्चा करें. गौरतलब है कि जीत नराम मांझी का ये बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में शराबबंदी के बीच जहरीली शराब के कारण मौत की घटनाओं में इजाफा हुआ है.
हाल ही में सूबे के सारण जिले में जहरीली शराब के सेवन से 60 से अधिक लोगों की जान चली गई थी. सारण जिले में जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों के बीच बेगूसराय और सीवान जिले में भी इस तरह की घटनाएं सामने आई थीं. हाल ही में सीवान जिले में जहरीली शराब से कई लोगों की मौत की एक और घटना सामने आई थी.
तेजस्वी करते रहे हैं शराबबंदी समाप्त करने की मांग
नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली महागठबंधन की सरकार में डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव भी शराबबंदी को समाप्त करने की मांग करते रहे हैं. तेजस्वी यादव ने विपक्ष में रहते हुए कई बार सीएम नीतीश कुमार से शराबबंदी का फैसला वापस लेने की मांग की थी. हालांकि, नीतीश कुमार की पार्टी के साथ गठबंधन और सूबे की सत्ता पर काबिज होने के बाद से तेजस्वी यादव इस मुद्दे पर चुप ही नजर आए हैं.