बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सलाह देते हुए सीएम नीतीश कुमार पर तंज कसा है. मांझी ने मौन व्रत पर जाने से पहले नीतीश पर तंज कसते हुए कहा,'आज देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की जयंती है. आज के दिन राहुल गांधी को भूलकर भी नीतीश से मुलाकात नहीं करनी चाहिए. नहीं तो वह (नीतीश) नेहरूजी की जगह राहुल गांधी की ही जयंती मनाने लगेंगे. स्व.महावीर चौधरी पुण्यतिथि वाला कांड याद ही होगा?.'
जीतन राम मांझी ने नीतीश कुमार पर तंज यूं ही नहीं कसा है. इससे पहले नीतीश का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें नीतीश अशोक चौधरी के पिता की श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे थे. इस दौरान नीतीश ने मंत्री के पिता की तस्वीर पर फूल चढ़ाने की जगह मंत्री अशोक चौधरी के ऊपर ही फूल बरसा दिए थे. इस घटनाक्रम के बाद बीजेपी ने नीतीश पर जमकर निशाना साधा था.
भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जी की जयंती पर शत-शत नमन।@RahulGandhi जी से आग्रह है कि आज के दिन नीतीश कुमार जी से कभी भूल के ना मिलें,नहीं तो वह नेहरू जी की जगह राहुल जी की ही जयंती मनाने लगेंगें।
— Jitan Ram Manjhi (@jitanrmanjhi) November 14, 2023
स्व.महावीर चौधरी पुण्यतिथि वाला कांड याद ही होगा? pic.twitter.com/xvggh19OAw
मौन धरने पर बैठेंगे जीतन राम मांझी
बता दें कि नीतीश कुमार के बर्ताव के विरोध में जीतनराम मांझी आज बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के सामने मौन धरने पर बैठने वाले हैं. दरअसल, बिहार विधानसभा में जातिगत सर्वे और आरक्षण का दायरा बढ़ाने पर चर्चा हुई थी. इस दौरान सीएम नीतीश कुमार और पूर्व सीएम जीतन राम मांझी के बीच तीखी बहस देखने को मिली. इस दौरान सीएम नीतीश ने यह तक कह दिया था कि मांझी उनकी (नीतीश) मूर्खता से सीएम बने.
मांझी के इस बयान पर भड़के थे नीतीश
नीतीश कुमार के बयान से पहले जीतन राम मांझी ने विधानसभा में कहा था कि हम नहीं मानते कि बिहार की जातिगत जनगणना सही हुई है. अगर आंकड़े गलत हैं तो सही लोगों तक लाभ नहीं पहुंचेगा. मांझी के इस बयान पर ही नीतीश भड़क गए थे. उन्होंने कहा था,'इस आदमी (मांझी) को कोई आइडिया है. इसको हमने मुख्यमंत्री बना दिया था. दो महीने के अंदर ही मेरी पार्टी के लोग कहने लगे इसको हटाइए. ये गड़बड़ है. फिर हम मुख्यमंत्री बने थे. कहता रहता है, ये मुख्यमंत्री था... ये क्या मुख्यमंत्री था. ये मेरी मूर्खता से सीएम बना.'
नीतीश को तेजस्वी यादव ने था संभाला
नीतीश ने आगे कहा था कि ये (मांझी) गवर्नर बनना चाहता है. इसके बाद सीएम ने बीजेपी के विधायकों की तरफ इशारा करते हुए कहा था- इसको राज्यपाल बना दीजिए. इसके बाद मामला बिगड़ता देख सत्तापक्ष की तरफ से कुछ विधायक और तेजस्वी यादव ने नीतीश को संभाला था. बाद में विजय कुमार चौधरी ने नीतीश को रोका था.