बिहार में शराबबंदी को लेकर एक न्यायाधीश की लिखी चिठ्ठी ने पुलिस प्रशासन की गंभीरता पर सवालिया निशान लगा दिया है. जबसे बिहार में शराबबंदी हुई है, तब से लगातार अवैध शराब की तस्करी का मामला सामने आता रहा है. लेकिन बिहार की सीमा से लगे इलाकों में तो शराबबंदी का असर लगभग खत्म दिखता है, तभी एक न्यायधीश को इस तरह का पत्र पश्चिमी चंपारण के पुलिस अधीक्षक को लिखना पड़ा.
शराब पीकर खुलेआम घूम रहे लोग
मामला पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज का है, जहां अपर मुख्य न्यायधीश दंडाधिकारी गिरिश मिश्रा ने पश्चिम चंपारण के पुलिस अधीक्षक विनय कुमार को पत्र लिख कर कहा है कि नरकटियागंज न्यायालय परिसर के अगल-बगल के इलाकों में अवैध शराब की बिक्री की जा रही है. इससे यहां के लोग शराब पीकर सड़क पर खुलेआम घूम रहें है, जिस कारण न्यायालय परिसर के आसपास हंगामा भी होता रहता है. इस संबंध में शिकारपुर थानाध्यक्ष से उचित कदम उठाने का आग्रह किया गया, तो उन्होंने कहा कि पूरे बिहार में शराब की बिक्री हो रही है, मैं क्या कर सकता हूं. ये कहने पर कि गश्ती करके इस कार्य को रोक जा सकता है, इस पर जवाब मिला, 'मेरी ड्यूटी बैंक और सोने-चांदी की दुकानों की सुरक्षा करना है, न्यायलय परिसर का नहीं, क्योंकि इस इलाके में गार्ड रहता है.'
न्यायाधीश ने पुलिस अधीक्षक से की शिकायत
न्यायाधीश ने आगे लिखा है कि थानाध्यक्ष का काम और व्यवहार मर्यादा के खिलाफ है. उन्होंने पुलिस अधीक्षक से अनुरोध किया है कि न्यायलय परिसर के अगल-बगल के इलाकों में हो रही शराब बिक्री के संबंध में उचित कदम उठाएं ताकि न्यायलय परिसर एवं न्यायिक अधिकारी व न्यायिक कर्मियों की सुरक्षा हो सके.
पुलिस अधीक्षक ने दिया जल्द कार्रवाई का भरोसा
शराबबंदी कानून को लेकर पुलिस की गंभीरता का अंदाजा इस पत्र से लगाया जा सकता है. शिकारपुर के थानाध्यक्ष चन्द्रशेखर प्रसाद गुप्ता ने जिस तरह की लापरवाही दिखाई, उससे साफ है कि केवल पटना और बड़े शहरों में शराबबंदी की गूंज सुनाई देती है. 7 सितंबर को लिखे इस पत्र को पाने के बाद पश्चिम चंपारण के पुलिस अधीक्षक विनय कुमार ने कहा कि यह गंभीर मामला है और इस पर जल्दी ही कार्रवाई की जाएगी.