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बिहारः 1 टेबलेट से कई लीटर जहरीली शराब बनाने वाला सरगना गिरफ्तार

Bihar Latest News: यह शख्स नकली शराब बनाने के लिए म्यांमार से एक टेबलेट मंगाता था. इस टेबलेट से शराब बनाने के बाद शख्स उसे लोगों के बीच बेचता था. टेबलेट से बनने वाली शराब पूरी तरह ताड़ी और देशी शराब के रंग की होती थी.

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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • म्यांमार से मंगवाई जाती थी खास टेबलेट
  • नशे की श्रेणी में आती है यह टेबलेट

बिहार में शराबबंदी को लेकर सरकार और शराब माफियाओं (liquor Mafia) के बीच चूहे बिल्ली का खेल जारी है. जहां सरकार डाल-डाल चल रही है, वहीं शराब माफिया पात-पात चल रहे हैं. सरकार अवैध शराब पर सख्ती बरत रही है. दूसरी ओर शराब माफिया विभिन्न तरीके से शराब का निर्माण और सप्लाई जारी रखे हुए हैं. ताजा मामला बिहार के पूर्णिया जिले से सामने आया है. जहां पुलिस की गिरफ्त में आया शख्स घर में ही नकली शराब बनाता था. 

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यह शख्स नकली शराब बनाने के लिए म्यांमार से एक टेबलेट मंगवाता था. इस टेबलेट से शराब बनाने के बाद शख्स उसे लोगों के बीच बेचता था. टेबलेट से बनने वाली शराब पूरी तरह ताड़ी और देशी शराब के रंग की होती थी. इस शराब को पीने के बाद लोगों में एक अलग किस्म का नशा छा जाता था. जानकारी के लिए बता दें कि बिहार में टेबलेट से बनी शराब को पीने से कई लोगों की मौत हो चुकी है.

मंगलवार को पुलिस ने छापेमारी कर इस सगरने को गिरफ्तार किया है. दरअसल, पटना पुलिस को सूचना मिली थी कि पूर्णिया जिले का रहने शराब रैकेटियर समीतुल्ला पड़ोसी देश म्यंमार से शराब बनाने के लिए एक विशेष टेबलेट लाता है और उसके बाद उसमें सस्ती क्वालिटी का स्प्रिट और अन्य चीजें मिलाकर शराब का निर्माण करता है.

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बिहार में बैन है ये टेबलेट
म्यांमार के बर्मा से आने वाला यह टेबलेट बिहार में बैन है और नशे की श्रेणी में आता है. पटना पुलिस ने जानकारी जुटाने के बाद पूर्णिया के उत्पाद विभाग से संपर्क किया और मंगलवार को बायसी थाना क्षेत्र के दालकोला स्थित पूर्णिया मोड़ से समीतुल्ला को गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक समीतुल्ला के इस धंधे में उसके पड़ोसी और भाई बंधु भी शामिल हैं. क्योंकि एक टेबलेट से कई लीटर शराब बनाकर वो काफी अच्छे पैसे कमा रहा था. स्थानीय लोगों के मुताबिक समीतुल्ला के इस काम में स्थानीय प्रशासन के कुछ लोग भी मिले हुए थे. 

पुलिस सूत्रों की मानें तो पूर्णिया इलाके में हुई मौतों के पीछे भी यही शराब है. सूत्रों का कहना है कि समीतुल्ला अब तक इसलिए नहीं पकड़ा गया क्योंकि उसकी बनाई हुई शराब पीने से ज्यादा लोगों की मौत नहीं हुई थी. पटना पुलिस के अलावा दरभंगा पुलिस भी समीतुल्ला की तलाश कर रही थी. दोनों जगहों की पुलिस पूर्णिया सदर थाने पहुंचकर उसे अपने साथ ले जाने के प्रयास में जुटी हुई हैं.

लॉकडाउन से ही चला था धंधा
समीतुल्ला ने पुलिस के सामने खुलासा किया है कि लॉकडाउन के दौरान से ही उसका धंधा चल रहा है. वो सीमांचल के शराब माफिया कलाम के संपर्क में रहकर काम करता है. बिहार के कई जिलों में उसके शराब सप्लाई का नेटवर्क बना हुआ है. समीतुल्ला ने बताया कि बिहार और बंगाल के बॉर्डर इलाके में दालकोला चेक पोस्ट के पास दर्जनों शराब तस्कर कार्यरत है. जो बिहार में संपर्क साधकर शराब की सप्लाई करते हैं. 

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समीतुल्ला ने कहा कि टेबलेट से शराब बनाने का आईडिया दालकोला और बंगाल के शराब तस्करों की वजह से मिली. समीतुल्ला ने पुलिस के सामने बंगाल के कई शराब माफिया के नाम बताएं हैं, जो बिहार में नकली और सस्ती शराब सप्लाई करते हैं. फिलहाल पुलिस समीतुल्ला से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई करने में जुटी है.

 

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