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बिहार: कोसी महासेतु बनकर तैयार, 22 KM में सिमटा 298 किलोमीटर का सफर

इस नए पुल पर जून महीने में ट्रेनों के परिचालन की टेस्टिंग की जा चुकी है. इस महासेतु से ट्रेनों का परिचालन शुरू होते ही उत्तर बिहार के पिछड़े और दूरस्थ गांवों का 90 साल पुराना सपना सच हो जाएगा और वो आसानी से यात्रा कर पाएंगे.

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कोसी महासेतु
कोसी महासेतु
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 90 सालों का इंतजार खत्म, कोसी महासेतु बनकर तैयार
  • पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे पुल का उद्घाटन

उत्तर बिहार के लोगों का 90 साल पुराना सपना जल्द ही सच होने वाला है. कोसी नदी पर नवनिर्मित रेल महासेतु बनकर तैयार है और जल्द ही इस पर ट्रेनों का परिचालन शुरू होने वाला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 सितंबर से पहले वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसका उद्घाटन कर सकते हैं. पूर्व मध्य रेलवे की तरफ से इसकी तैयारी की जा रही है.

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बता दें कि इस नए पुल पर जून महीने में ट्रेनों के परिचालन की टेस्टिंग की जा चुकी है. इस महासेतु से ट्रेनों का परिचालन शुरू होते ही उत्तर बिहार के पिछड़े और दूरस्थ गांवों का 90 साल पुराना सपना सच हो जाएगा और वो आसानी से यात्रा कर पाएंगे.

इस रेल पुल के शुरू होते ही निर्मली से सरायगढ़ की जो दूरी 298 किलोमीटर है वो दूरी घटकर महज 22 किलोमीटर रह जाएगी. अभी निर्मली से सरायगढ़ तक के सफर के लिए लोगों को दरभंगा-समस्तीपुर-खगड़िया-मानसी-सहरसा होते हुए 298 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है.

करीब दो किलोमीटर लंबे इस कोसी महासेतु को बनाने का काम 6 जून 2003 को शुरू किया गया था. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वायपेयी ने इस परियोजना का शिलान्यास किया था. इस परियोजना की लागत करीब 516 करोड़ रुपये है. 

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