लैंड फॉर जॉब स्कैम मामले में बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव, राबड़ी देवी और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव समेत 17 आरोपियों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर राऊज एवेन्यू कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई होगी. सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि तीन आरोपी अधिकारियों के खिलाफ भी मुकदमा चलाने के लिए गृह मंत्रालय की ओर से मंजूरी मिल चुकी है.
आरोप है कि केंद्रीय रेल मंत्री रहने के दौरान लालू प्रसाद यादव ने 2004 से 2009 के बीच जिन लोगों को नियमों में शिथिलता बरतते हुए डी ग्रुप की नौकरियां दी गई थीं, उनसे इसके एवज में जमीनें ली गईं. इस तरह हुआ था लैंड फॉर जॉब स्कैम यानी नौकरी के बदले जमीन घोटाला.
लैंड फॉर जॉब स्कैम: CBI को लालू यादव के खिलाफ केस चलाने की गृह मंत्रालय से मिली अनुमति
जन प्रतिनिधियों के लिए बनाई गई विशेष कोर्ट राउज एवेन्यू कोर्ट में CBI के वकील ने कहा कि इस मामले में तीन अधिकरियों मनदीप कपूर, मनोज पांडे और डॉ पीएल बंकर के खिलाफ मुकदमा चलाने की इजाज़त केंद्रीय गृह मंत्रालय से मिल गई है.
ये लोग उस समय मंत्रालय में संबंधित अधिकारी थे जिनकी कथित मिली भगत से ये घोटाला हुआ. पिछली सुनवाई में CBI के वकील ने कोर्ट को बताया कि मामले में लालू प्रसाद यादव के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए गृह मंत्रालय से इजाज़त मिल गई है.
क्या है लैंड फॉर जॉब स्कैम?
- लैंड फॉर जॉब स्कैम का यह केस 14 साल पुराना है. उस वक्त लालू यादव रेल मंत्री थे. दावा है कि लालू यादव ने रेल मंत्री रहते हुए रेलवे में लोगों को नौकरी देने के बदले उनकी जमीन लिखवा ली थी. बताते चलें कि लालू यादव 2004 से 2009 तक रेल मंत्री रहे थे.
- सीबीआई ने इस मामले में 18 मई को केस दर्ज किया था. सीबीआई के मुताबिक, लोगों को पहले रेलवे में ग्रुप डी के पदों पर सब्स्टीट्यूट के तौर पर भर्ती किया गया और जब उनके परिवार ने जमीन का सौदा किया, तब उन्हें रेगुलर कर दिया गया.
- सीबीआई का कहना है कि पटना में लालू यादव के परिवार ने 1.05 लाख वर्ग फीट जमीन पर कथित तौर पर कब्जा कर रखा है. इन जमीनों का सौदा नकद में हुआ था. यानी, लालू परिवार ने नकद देकर इन जमीनों को खरीदा था. सीबीआई के मुताबिक, ये जमीनें बेहद कम दामों में बेच दी गई थीं.
मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही ED
रेलवे में नौकरी के बदले रिश्वत में जमीन लेने के आरोपों के मामले में सीबीआई जांच कर रही है. वहीं, मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ईडी जांच कर रही है. सीबीआई ने इस मामले में चार्जशीट भी दाखिल कर दी. इस मामले में लालू यादव के करीबी व पूर्व विधायक भोला यादव और हृदयानंद चौधरी भी अभियुक्त हैं. आरजेडी नेता लालू यादव के ओएसडी रहे भोला यादव को सीबीआई ने 27 जुलाई को गिरफ्तार किया था. भोला 2004 से 2009 के बीच तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के ओएसडी थे.