छपरा में जहरीली शराब से 70 से ज्यादा लोगों की मौत होने के बाद बिहार पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम एक्शन मोड में है. इसी क्रम में पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने आज छापेमारी की जिसमें सत्ताधारी पार्टी जेडीयू के नेता कामेश्वर के घर से शराब बरामद की गई है. ये शराब उनके मढ़ौरा स्थित घर में पायी गयी है.
बता दें कि कामेश्वर जेडीयू राज्य पार्षद के सदस्य हैं और मशरख के रहने वाले हैं. उनका एक मकान मढ़ौरा में है जिसे उन्होंने किराये पर लगा रखा है. उसी मकान में छापेमारी कर पुलिस ने देसी और विदेशी शराब बरामद की है.
खुफिया कैमरे पर हुए कई खुलासे
बिहार में जहरीली शराब कांड के बाद आजतक की स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम ने जब इसकी तहकीकात की गई तो खुफिया कैमरे में कई सनसनीखेज खुलासा हुआ. बिहार में शराब कैसे बनती है? कैसे बिकती है? इन सभी सवालों के जवाब इस जांच के दौरान मिले.
खुफिया कैमरे पर कच्ची शराब फैक्ट्री के कर्मचारी ने खुद कहा कि यहां आकर पुलिस वाले भी पीते हैं. फैक्ट्री के कर्मचारी ने बताया कि बहुत बड़े-बड़े लोग, कोर्ट से आने वाले लोग भी यहां शराब पीने आते हैं.
दरअसल बिहार में जहरीली शराब से अब तक 70 से ज्यादा मौत हो चुकी हैं. राज्य के मुख्यमंत्री का कहना है कि शराब पीने वाली की नियती मृत्यु है. हमारी तहकीकात के दौरान शराब माफिया और सफेदपोशों के नेक्सेस का सनसनीखेज खुलासा हुआ यानी पूरा खेल शराब माफियाओं के गॉड फादर के इशारे पर चल रहा है.
बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 के तहत पूरे बिहार में शराबबंदी है. बिहार में शराब की बिक्री, शराब का उत्पादन और शराब का सेवन तीनों को ही अपराध की श्रेणी में रखा गया है. शराबबंदी के बावजूद हमारी तहकीकात में कच्ची शराब के धंधा के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ.