बिहार के सुपौल में पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के लोहिया की मूर्ति पर माल्यार्पण के बाद प्रतिमा को गंगाजल से धोने के चलते बवाल हो गया है. रविवार की इस घटना के बाद सोमवार को इस मामले में एफआईआर भी दर्ज हो गई.
दरअसल, मांझी सुपौल के लोहिया नगर चौक पर लोहिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर गरीब स्वाभिमान रैली के लिए सहरसा चले गए थे, जिसके बाद लोहिया विचार मंच के कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा को गंगाजल से धोकर शुद्ध किया, अगरबत्ती जलाकर सुगंधित किया और फिर माल्यार्पण करने के बाद मौजूद लोगों को प्रसाद बांटा.
कार्यकर्ताओं का कहना था कि
मांझी ने कभी भी समाजवाद का अनुकरण नहीं किया इसलिए हम लोग इस माल्यार्पण का विरोध कर रहे हैं. मांझी को RJD में शामिल करें: पप्पू यादव
मांझी ने यह हरकत करने वाले लोगों को मानसिक रूप से बीमार बताया है.इसके अलावा मांझी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि वह नीतीश को छोड़कर किसी से भी गठबंधन को तैयार हैं. पूर्णिया में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मांझी ने बीजेपी के साथ जाने के संकेत दिए. उन्होंने कहा कि वह नीतीश को छोड़कर वो किसी से भी हाथ मिला सकते हैं और बीजेपी भी उनके लिए अछूत नहीं हैं. नकल पर जीतनराम मांझी ने निकाली भड़ास
FIR दर्ज
इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और अब इसकी सुपौल के सदर थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई है. मांझी का कहना है कि जिन्होंने प्रतिमा धोयी, वो समाजवादी नहीं हो सकते. सदर थाना प्रभारी राजकिशोर बैटा ने सोमवार को बताया, 'दंडाधिकारी कालीचरण के बयान पर सदर थाने में इस मामले को लेकर एक एफआईआर दर्ज कराई गई है. इसमें राज्य में शांति व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए चार लोगों को नामजद किया गया है.' उन्होंने कहा कि फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.