लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) में पिछले दिनों शुरू हुआ विवाद जल्द खत्म होते हुए नहीं दिखाई दे रहा है. पार्टी अध्यक्ष पशुपति पारस ने शनिवार को पार्टी की नई कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया. चिराग पासवान ने एक दिन बाद कमेटी की बैठक बुलाई है.
पशुपति पारस द्वारा घोषित की गई नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में आठ सदस्यों को शामिल किया गया है. इसमें चौधरी महबूब अली कैसर (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), वीणा देवी (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), सुनीता शर्मा (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), चंदन सिंह (राष्ट्रीय महासचिव), प्रिंस राज (राष्ट्रीय महासचिव), संजय सराफ (राष्ट्रीय महासचिव), रामजी सिंह (राष्ट्रीय महासचिव) और विनोद नागर (राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष) शामिल हैं.
एलजेपी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि पशुपति पारस द्वारा पार्टी के राष्ट्रीय, प्रदेश एवं पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों की कमेटी को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाता है. नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों के नामों की घोषणा की जा रही है.
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चुनाव आयोग तक पहुंचे दोनों गुट
इस बीच, चिराग पासवान के नेतृत्व में एलजेपी के एक अन्य प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को चुनाव आयोग से पशुपति कुमार पारस के नेतृत्व वाले दूसरे गुट द्वारा पार्टी पर किसी भी दावे पर फैसला लेने से पहले उसका विचार जानने का आग्रह किया. दोनों गुटों के प्रतिनिधि एलजेपी के नेतृत्व को लेकर अपना दावा पेश करने के लिए चुनाव आयोग मुख्यालय पहुंचे थे.
पशुपति पारस के नेतृत्व वाले गुट ने चुनाव आयोग में एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें कहा गया कि पारस को पटना में पार्टी कार्यकारिणी के 75 सदस्यों की बैठक में चुना गया और एक नई कार्य समिति का गठन किया गया है.
मालूम हो कि पिछले दिनों एलजेपी में तब बवाल शुरू हो गया था, जब पशुपति पारस समेत पांचों सांसदों ने खुद को चिराग पासवान से अलग कर दिया था. पशुपति पारस ने लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को पत्र लिखकर खुद को संसदीय दल का नेता बनाने की अपील की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया था. बाद में चिराग पासवान ने पशुपति पारस द्वारा लिए गए फैसले को पार्टी के संविधान के खिलाफ बताया था.