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लोकसभा चुनावः विपक्ष की बैठक से पहले मांझी ने बढ़ाई नीतीश की टेंशन, मांगी 5 सीटें, कहा- जिधर रहेंगे उधर जीतेंगे 

लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिशों में जुटे नीतीश कुमार की टेंशन उनके ही गठबंधन सहयोगी हम पार्टी के जीतनराम मांझी ने बढ़ा दी हैं. जीतनराम मांझी ने 5 सीटों पर दावा करते हुए कहा है कि हम हर सीट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं. हम जिधर रहेंगे, उधर ही जीतेंगे.

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जीतनराम मांझी (फाइल फोटो)
जीतनराम मांझी (फाइल फोटो)

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार साल 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिशों में जुटे हैं. नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड, लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) 12 जून को इसे लेकर पटना में होने वाली विपक्षी दिग्गजों की बैठक की तैयारियों में जुटे हैं. वहीं, दूसरी तरफ इससे पहले बिहार के सत्ताधारी महागठबंधन में शामिल एक घटक दल ने सीएम नीतीश की टेंशन बढ़ा दी है.

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महागठबंधन में शामिल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने लोकसभा चुनाव में सीट शेयरिंग को लेकर बयान दिया है. मांझी ने अपनी पार्टी के लिए पांच सीटों पर दावा ठोक दिया है. उन्होंने साफ कहा है कि हम गठबंधन के तहत सूबे की पांच सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं.

जीतनराम मांझी ने कहा है कि हमारी पार्टी के लिए बिहार में पांच लोकसभा सीटें भी कम हैं. उन्होंने एक तरह से चेतावनी देते हुए कहा कि हमारी पार्टी सूबे की हर लोकसभा सीट पर चुनाव के लिए तैयारी में है. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार अगर हम सभी को सम्मानजनक सीटें देते हैं तो अच्छा होगा.

उन्होंने कहा कि हम जिधर रहेंगे, उधर जीतेंगे. ये सभी को पता है. जीतनराम मांझी ने खुलकर कुछ नहीं कहा, लेकिन उनके इस बयान को महागठबंधन से किनारा करने और एनडीए का दामन थामने की धमकी के तौर पर देखा जा रहा है. मांझी के इस बयान ने नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू और आरजेडी की टेंशन बढ़ा दी है.

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12 जून को होनी है विपक्ष की बैठक

बिहार की राजधानी पटना में विपक्षी दलों की एकजुटता का खाका खींचने के लिए मीटिंग होनी है. 12 जून को होने जा रही इस बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, तृणमूल कांग्रेस समेत 18 दलों के नेताओं के शामिल होने की बात कही जा रही है. जेडीयू और आरजेडी एक तरफ जहां विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश में जुटे हैं, वहीं महागठबंधन में शामिल दल के नेता ही टेंशन बढ़ाते नजर आ रहे हैं.

 

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