
बिहार के पूर्णिया जिल के एक स्कूल के संचालक पीयूष अग्रवाल पर उसके ही स्टाफ अनिल शाह ने गंभीर आरोप लगाते हुए थाना परिसर में जहरीला पदार्थ खा लिया. बताया जा रहा है कि थानाध्यक्ष संतोष कुमार झा ने अनिल को पेट्रोल का इंजेक्शन लगाने और करंट लगाने की धमकी दी थी.
इससे डरकर उसने थाना परिसर में ही जहर खा लिया. पीड़ित को पूर्णिया मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. अनिल शाह पिछले चार सालों से पीयूष अग्रवाल के निजी प्रतिष्ठान में काम कर रहा था. इस दौरान मालिक के कुछ रुपये इधर-उधर हो गए.
इसका आरोप अनिल पर लगाया गया. इसके बाद से पुलिस द्वारा उसे प्रताड़ित किया जाने लगा, जबकि इसकी कोई प्राथिमिकता दर्ज नहीं कराई गई. बताया जा रहा है पुलिस और पीयूष अग्रवाल के बीच सांठगांठ की वजह से ऐसा किया गया.
पुलिस के टॉर्चर के बाद युवक ने थाने में खाया जहर
बताया जा रहा है कि बिना किसी FIR के अनिल शाह को थाने में रखा गया था और उसे लगातार टॉर्चर किया गया था. 3 दिन के इलाज के बाद अनिल को जब होश आया, तो उसने सारी बातें बताईं.
उसने कहा कि मुफस्सिल थाने के थानाध्यक्ष ने पेट्रोल इंजेक्शन लगाने और करंट लगाने की बात कही थी. इससे डरकर थाने में ही रखा जहर मैंने पी लिया. इसके अलावा मच्छर मारने वाली मॉर्टिन भी खा गया.
पुलिस अधीक्षक ने दिए जांच के आदेश
जब यह मामला पुलिस बड़े अधिकारियों के सामने आया, तो पूर्णिया पुलिस अधीक्षक अमीर जावेद ने एसडीपीओ पुष्कर कुमार को जांच के आदेश दिए. इस मामले की जांच चल रही है. पुलिस का कहना है कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा.
पुष्कर कुमार का कहना है कि सीसीटीवी जांच के बाद पता चला कि थानाअध्यक्ष अनिल शाह को थाने लेकर आया और रातभर रखा. अनिल ने जहर कब और कहां से उसे जहर मिला, इसका अब तक पता नहीं चल पाया है. अस्पताल में तीन दिन इलाज के बाद उसे डिसचार्ज कर घर भेजा गया.
थाने में ब्लैंक चेक पर कराए गए पीड़ित के साइन
पीड़ित अनिल का कहना है कि थाने में उससे जबरन ब्लैंक चेक पर साइन कराए गए. साथ ही एक हजार के स्टांप पेपर पर भी साइन कराए. इसके अलावा ब्लैंक तीन पेज पर साइन कराए गए हैं. वीडियो बनाकर उससे जबरन कबूल कराया गया कि उसने रुपयों का गबन किया है.
पीड़ित की पत्नी रुबी देवी ने बताया कि मंगलवार की रात तकरीबन 11 बजे पीयूष अग्रवाल का मैनेजर दिग्विजय सिंह उनके किशनगंज स्थित घर पर कार से आया. उसने बताया कि तुम्हारे पति ने रुपयों का घोटाला किया है. तुम लोग को रुपया देना होगा.
उसके बाद घर सर्च करने लगा. अलमारी में रखे 34,000 रुपये, सोने का आभूषण लगभग 15 ग्राम और प्रॉपर्टी का पेपर वह अपने साथ लेकर चला गया. साथ ही उसने एक लाख रुपया का और देने की बात कही. ऐसा नहीं करने पर सभी को जेल भिजवा देने की धमकी दी.
पीयूष अग्रवाल ने कहा अनिल का स्कूल से कोई लेना देना नहीं
वहीं, स्कूल संचालक पीयूष अग्रवाल ने बताया कि अनिल साह नामक व्यक्ति का जीडी गोयनका स्कूल से कोई ताल्लुक नहीं है. वह मेरे निजी प्रतिष्ठान, जिसमें सीमेंट का कारोबार होता है, उसी में कर्मचारी के पद पर कार्यरत है.
पीयूष ने बताया कि वह पिछले दिनों अपने इलाज के लिए दिल्ली गए थे. वापस आने के बाद मालूम पड़ा कि इसने कई व्यापारियों से पैसा अपने अकाउंट में मंगवा लिया है. साथ ही कुछ पैसा नकद भी उठाया है, जिसको लेकर मैंने रानीपतरा मुफस्सिल थाना प्रभारी संतोष झा को जानकारी दी और मामले की जांच करने की रिक्वेस्ट की. उसके बाद इस व्यक्ति ने क्या कदम उठाया, इसकी जानकारी मुझे नहीं है.