'बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले'. मिर्जा गालिब का यह शेर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी पर बड़ा मुफीद बैठता है. मांझी ने रविवार को फोन-केबल कनेक्शन कटने के बाद मुख्यमंत्री आवास खाली कर दिया. हालांकि मांझी कुछ दिनों पहले ही घर खाली करने की घोषणा कर चुके थे.
मांझी ने विश्व योग दिवस के दिन परिवार सहित मुख्यमंत्री आवास खाली कर दिया. इस दौरान मांझी के चेहरे पर वह दर्द भी देखा जा सकता था जब एक-एक करके उनकी सुविधाएं छीनी गईं. मांझी ने रविवार को 1 अणे मार्ग मुख्यमंत्री आवास के प्रांगण में योग दिवस के कार्यक्रम में शिरकत की. दिन में लगभग 1 बजे जीतनराम अपने साजो-सामान के साथ अपने पुराने आवास 16 स्ट्रैंड रोड वापस चले गए.
मांझी ने घर छोड़ने के बाद कहा, 'देखिए घर तो छोड़ना ही था. वहां जिस तरह के हालात बनाए जा रहे थे उससे हमारे पास कोई और चारा नहीं था. हमारा फोन-केबल कनेक्शन काट दिया गया था. घर में काम करने वाले नौकर-चाकर हटा लिए थे. आम तोड़ने वाले माली तक को हटा दिया गया था. ऐसे में इस घर को तो छोड़ना ही था.' मांझी अपने पुराने आवास 16 स्ट्रैंड रोड में शिफ्ट हुए हैं जहां वह पहले बतौर मंत्री रहा करते थे. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया है कि उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री को मिलने वाली सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं.