बिहार के गोपालगंज में मॉडल सदर अस्पताल की लापरवाही से गर्भवती महिलाओं की जान खतरे में पड़ गयी है. लापरवाही की वजह से दो नवजात बच्चों की मौत हो चुकी है जबकि कई प्रसूति महिलाएं बीमार हो गईं.
डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के गृह जिले के मॉडल सदर अस्पताल में ड्यूटी से डॉक्टर गायब थे और नर्स प्रसूति महिलाओं का इलाज कर रही हैं. इस वजह से कई महिलाओं की हालत बिगड़ गयी और दो नवजात बच्चों की मौत हो गयी.
बताया जा रहा है कि कटेया की रहनेवाली संध्या देवी को प्रसव पीड़ा होने पर सदर अस्पताल लाया गया, लेकिन नर्सों की इलाज की वजह से उसके नवजात बच्चे की मौत हो गयी. वहीं, राजेंद्र नगर मोहल्ले की रहने वाली रोमा देवी का बच्चा ऑपरेशन के समय डॉक्टर के नहीं रहने पर गर्भ में ही मर गया.
प्रसूति वार्ड में मंडरा रहे थे आवारा कुत्ते
गोपालगंज के मॉडल सदर अस्पताल के प्रसूति महिलाओं के वार्ड में आवारा कुत्ते भी मंडराते हुए देखे गए हैं. अस्पताल में इसके पहले भी लापरवाही की कई तस्वीरें सामने आ चुकी है, लेकिन व्यवस्था में अब तक कोई सुधार नहीं हुआ और न ही जिम्मेदार कर्मियों और अधिकारियों पर किसी तरह की कार्रवाई हुई है.
ड्यूटी से गायब डॉक्टर के वेतन पर लगी रोक
गोपालगंज के मॉडल सदर अस्पताल में दो नवजात बच्चों की मौत मामले में अस्पताल प्रशासन ने ड्यूटी से गायब डॉक्टर की सैलरी पर रोक लगा दी है. साथ ही मरीजों के इलाज की रिपोर्ट भी तलब की गई है.
अस्पताल उपाधीक्षक डॉ शशि रंजन प्रसाद ने कहा कि तबियत खराब होने की सूचना देकर ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक नहीं आई, जिसके बाद दूसरे डॉक्टर को बुलाकर मरीजों का ऑपरेशन करवाया गया. उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ की कमी है. यहां तीन महिला डॉक्टर हैं, जिनसे रात में ऑन कॉल ड्यूटी लिया जाता है.
वहीं एक मरीज की परिजन संगीता देवी ने बताया कि हम लोग अपने मरीज को प्रसव कराने के लिए लेकर आए थे, नर्स के द्वारा इलाज शुरू किया गया, लेकिन बाद में बच्चा उल्टा होने की बात कहकर ऑपरेशन करने की बात कही गयी. 2 बजे से 6 बज गए लेकिन डॉक्टर नहीं आए. दूसरे लोगों ने भी लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए.