बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फूलपुर से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ने की संभावना से इनकार कर दिया है. हालांकि जेडीयू की उत्तर प्रदेश इकाई को अभी भी उम्मीद है कि वह बीजेपी के खिलाफ विपक्षी एकता का एक बड़ा संदेश देने के फैसले पर फिर विचार करेंगे. समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं ने भी इस विचार का स्वागत किया है.
उत्तर प्रदेश के फूलपुर निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव में अपनी उम्मीदवारी की अटकलों को खारिज करते हुए नीतीश कुमार ने 20 सितंबर को कहा कि वह केवल संसदीय चुनावों से पहले विपक्षी दलों को एकजुट करने में रुचि रखते हैं. बिहार के मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनके प्रयासों से युवा पीढ़ी को (तेजस्वी यादव जैसे लोगों को) लाभ मिलना चाहिए. यूपी जेडीयू के अध्यक्ष अनूप सिंह पटेल ने कहा कि पार्टी की राज्य इकाई को उम्मीद है कि नीतीश कुमार अपने फैसले पर पुनर्विचार करेंगे.
यूपी जेडीयू अध्यक्ष ने कहा कि हमने नीतीश कुमार को पटना में पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में फूलपुर, मिर्जापुर या अंबेडकर नगर से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था. हमें कोई ठोस जवाब नहीं मिला है, इसलिए हमें अभी भी उम्मीद है. उन्होंने कहा कि राज्य के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा के बाद प्रस्ताव रखा गया था. सीटों के चुनाव के बारे में बताते हुए पटेल ने कहा कि इन सीटों पर कुर्मी वोटर करीब 40 फीसदी हैं.
फूलपुर और अंबेडकर नगर से जाएगा संदेश
पटेल ने कहा कि पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू फूलपुर से चुने गए थे. पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह भी सीट से चुने गए थे. जब हमारे नेता फूलपुर से चुनाव लड़ेंगे, तो यह निश्चित रूप से एक मजबूत संदेश देगा. उसके बाद अंबेडकर नगर को लेकर कहा कि अंबेडकर नगर समाजवादी विचारक राम मनोहर लोहिया का जन्मस्थान है और चूंकि हम लोहिया जी के शिष्य हैं, इसलिए हमने इस निर्वाचन क्षेत्र को भी शॉर्टलिस्ट किया है. इसके बाद मिर्जापुर पर उन्होंने कहा कि मिर्जापुर बिहार के बहुत करीब है और वहां से हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी को संदेश देंगे कि यूपी और बिहार के पार्टी कार्यकर्ता एक साथ हैं.
सपा एमएलसी ने किया समर्थन
जेडीयू नेता आशीष सक्सेना ने कहा कि अगर नीतीश कुमार यूपी की किसी भी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ते हैं तो यह निश्चित रूप से देशभर में विपक्षी एकता को मजबूत संदेश देगा. यूपी में लोकसभा की सबसे अधिक 80 सीट और बिहार में 40 सीट हैं. न्यूज एजेंसी से बात करते हुए सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने कहा कि अगर नीतीश यूपी 2024 में लोकसभा चुनाव लड़ते हैं तो यह स्वागत योग्य कदम होगा. उन्होंने कहा कि अगर सपा अध्यक्ष नीतीश कुमार को समर्थन देते हैं तो यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे कि वह रिकॉर्ड अंतर से जीतें.
सपा प्रमुख प्रवक्ता ने कहा- नहीं हुई कोई चर्चा
सपा नेता राकेश वर्मा ने कहा कि कुमार का राज्य से आम चुनाव लड़ना "अच्छा" होगा और विपक्षी एकता को मजबूत करेगा. सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने न्यूज एजेंसी से कहा कि उनकी पार्टी ने अभी तक इस मामले पर जद (यू) के साथ कोई चर्चा नहीं की है. चौधरी ने कहा कि इस संबंध में कोई बातचीत नहीं हुई है. लोकसभा चुनाव अभी डेढ़ साल दूर हैं. अभी यह चर्चा का विषय नहीं है. फूलपुर से भाजपा विधायक प्रवीण पटेल ने हालांकि सत्ताधारी पार्टी को जदयू की किसी भी चुनौती को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि यहां जेडीयू का कोई संगठन नहीं है, इसलिए इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. फिलहाल फूलपुर से केशरी देवी सांसद हैं, जबकि मिर्जापुर से केंद्रीय राज्य मंत्री और अपना दल (सोनेलाल) नेता अनुप्रिया पटेल लगातार दो बार से सांसद हैं और अंबेडकर नगर से रितेश पांडे बीएसपी सांसद हैं.