बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आखिरकार छपरा में मिड-डे मील खाकर हुई 23 मासूमों की मौत पर जुबान खोली और इतना ही कहा कि ये विपक्ष की साजिश है.
नीतीश ने न सिर्फ साजिश की बात की बल्कि साजिश के एंगल पर जांच के लिए भी टीम बना दी.
मिड-डे मील हादसे को बीजेपी और आरजेडी की साजिश करार देते हुए नीतीश ने कहा कि बीजेपी और आरजेडी के बीच इस घटना का राजनीतिक लाभ उठाने के लिए गुप्त समझौता है.
नीतीश के इन आरोपों पर बीजेपी भड़क गई है. बीजेपी नेता राजीव प्रताप रुडी ने नीतीश पर मुद्दे से भटकाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि बिहार के सीएम को शर्म नहीं आती है.
आज तक से एक्सक्लूसिव बातचीत में राजीव प्रताप रुडी ने कहा, 'नीतीश कुमार को शर्म नहीं आती. वे मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए मिडडे मील हादसे के लिए विपक्ष पर आरोप लगा रहे हैं.'
बीजेपी नेता ने कहा, 'नीतीश कुमार संवेदनहीन हो गए हैं. वे ना तो छपरा जाकर मृत बच्चों के परिजनों से मिले और ना ही PMCH में भर्ती बच्चों से मुलाकात की.'
बीजेपी में बगावत के सवाल पर उन्होंने कहा कि अब उनकी पार्टी बीजेपी को तोड़ने की बात कर रही है. यह साफ है कि अब उनके लिए प्रशासन से ज्यादा अहमियत राजनीति रखती है.
छपरा कांड की जांच के लिए बनी एसआईटी
इस बीच, सारण जिले के धर्मसती गंडामन गांव के एक सरकारी विद्यालय में मिड डे मील से 23 बच्चों की मौत के मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है. सारण के पुलिस अधीक्षक सुजीत कुमार के नेतृत्व में इस जांच दल में आठ लोगों को शामिल किया गया है. राज्य पुलिस मुख्यालय के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि इसने जांच शुरू कर दी है.
छपरा कांड की जांच के लिए बनी एसआईटी को रिपोर्ट देने के लिए कोई समय सीमा नहीं दी गई है लेकिन उम्मीद है कि 10 दिनों में 9 सदस्यीय एसआईटी टीम अपनी रिपोर्ट दे देगी. एसआईटी टीम साजिश के एंगल के साथ हादसे के बाद हुए हंगामे की भी जांच करेगी.