बिहार में जदयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा का एक बयान इन दिनों सियासी फिजा में तैर रहा है जिसमें उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार हैं तभी बिहार में एनडीए है, नीतीश कुमार नहीं तो बिहार में एनडीए भी नहीं. उपेंद्र के इस बयान पर जहां बिहार में सियासी चर्चाओं का बाजार गरम है वहीं सांसद चिराग पासवान ने नीतीश का समर्थन कर एक नया राग छेड़ दिया है. चिराग ने कहा है कि उपेंद्र कुशवाहा ने बिल्कुल सच कहा है. क्योंकि बिहार में बीजेपी नीतीश के सामने नतमस्तक दिखती है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बीजेपी के खिलाफ जाते हैं, इसके बाद भी बीजेपी विधायक उनके सामने बिल्कुल झुके रहते हैं. किसी को बोलने की हिम्मत नहीं.
बड़ी पार्टी बनने की होड़
आपको बता दें कि बिहार में फिलहाल सबसे बड़ी पार्टी बनने की होड़ मची हुई है. कभी बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनती है. तो कभी आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी बनती है. सांसद चिराग पासवान ने कहा कि बहुत ही जल्द नीतीश कुमार गठबंधन में कुछ बदलाव करने वाले हैं. राष्ट्रपति चुनाव के बाद गठबंधन में बदलाव जरूर दिखेगा. उन्होंने यह भी कहा कि वह भविष्य में गठबंधन के साथ जुड़ेंगे और गठबंधन के तहत ही चुनाव लड़ेंगे. लेकिन वह गठबंधन किसके साथ होगा वह उस समय वह तय करेंगे.
रामविलास पासवान की मूर्ति का अनावरण
सांसद चिराग पासवान ने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और दिवंगत नेता रामविलास पासवान की पहली मूर्ति का अनावरण 5 जुलाई को उनके कार्यक्षेत्र हाजीपुर में किया जाएगा. 5 जुलाई को रामविलास पासवान का जन्मदिन है. उसी दिन हाजीपुर में उनकी मूर्ति का अनावरण करेंगे. चिराग पासवान ने सभी को आमंत्रित किया है.
चाचा पशुपति कुमार पारस को भी निमंत्रण
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लेकर अपने चाचा पशुपति कुमार पारस को भी उन्होंने निमंत्रण भेजा है. उन्होंने कहा कि उनकी ख्वाहिश है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पहली मूर्ति के अनावरण में सब लोग आए. उन्होंने कहा कि भले ही मेरे चाचा पशुपति कुमार पारस मुझे अपना भतीजा ना मानें, लेकिन वह मेरे चाचा हैं. इस नाते मैंने उन्हें भी निमंत्रण भेजा है. उनके ऊपर है कि वह आते हैं या नहीं.