Nitish Kumar Rajgir Visit: बिहार में राजनीतिक हलचल में तेजी के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर अपने गृह जिले नालंदा में स्थित राजगीर जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार इस दौरे के दौरान गंगा जल परियोजना का निरीक्षण करेंगे. लेकिन जो लोग बिहार की राजनीति को बेहद करीब से समझते हैं, उन्हें पता है कि नीतीश कुमार का राजगीर दौरा क्यों बिहार के राजनीतिक दलों की धड़कनों को बढ़ा देता है?
जो लोग बिहार की राजनीति को करीब से समझते हैं उन्हें याद हुआ कि 2017 में जब नीतीश कुमार ने आरजेडी के साथ गठबंधन तोड़कर बीजेपी के साथ सरकार बनाई थी तो उस दौरान गठबंधन तोड़ने से ठीक पहले कुछ दिनों के लिए वह राजगीर प्रवास पर चले गए थे. उस वक्त तेजस्वी के ऊपर भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर विपक्ष बीजेपी हमलावर थी. मगर इन सबसे दूर नीतीश कुमार उस दौरान राजगीर में प्रवास कर रहे थे और पटना लौटने के साथ ही उन्होंने आरजेडी से गठबंधन तोड़कर बीजेपी के साथ सरकार बना ली थी.
क्या भाजपा का साथ छोड़ने वाले हैं नीतीश?
अब जब बिहार में एक बार फिर से राजनीतिक सरगर्मियां काफी तेज हो गई है और सवाल खड़े हो रहे हैं क्या नीतीश कुमार एक बार फिर पलटी मारेंगे और बीजेपी का दामन छोड़ कर आरजेडी के साथ सरकार बनाएंगे, इस बीच नीतीश कुमार ने राजगीर जाने का प्लान बनाया है और वह मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर राजगीर में रहेंगे.
मई में नहीं हुई कैबिनेट बैठक!
बीजेपी के साथ तनातनी की खबरों को लेकर एक बार जो और सामने आई है वह यह है कि मई के महीने में अब तक एक बार भी नीतीश कैबिनेट की बैठक नहीं हुई है. नीतीश मंत्रिमंडल की आखिरी बैठक 29 अप्रैल को हुई थी. लेकिन उसके बाद अब तक दो मंगलवार (10 मई और 17 मई) को मंत्रिमंडल की बैठक नहीं हुई. 3 मई को मंत्रिमंडल की बैठक इस वजह से नहीं हो पाई थी, क्योंकि उस दिन ईद का त्यौहार था.
24 को भी बैठक की संभावना नहीं
आमतौर पर नीतीश मंत्रिमंडल की बैठक प्रत्येक मंगलवार को हुआ करती है और अब 24 मई यानी मंगलवार को नीतीश कुमार से राजगीर दौरे के कारण एक बार फिर से मंत्रिमंडल की बैठक नहीं होने की संभावना है. ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि बिहार में विकास के कार्यों को लेकर होने वाली कैबिनेट की बैठक आखिर मई के महीने में एक बार भी क्यों नहीं हुई है ??
तेजस्वी से मुलाकात का असर तो नहीं?
सवाल यह भी खड़े हो रहे हैं कि बिहार में 22 अप्रैल को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के तरफ से दिए गए इफ्तार पार्टी में नीतीश कुमार के शामिल होने के बाद जो बिहार की राजनीति में हलचल मची है उसकी वजह से ही क्या नीतीश मंत्रिमंडल की बैठक नहीं हो रही है?
नीतीश के बयान ने दी कयासों को हवा
सोमवार को नीतीश कुमार ने पटना में एक कार्यक्रम के दौरान बिहार में चल रही राजनीतिक हलचल को और हवा दे दी, जब उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन के आखिर में कह दिया कि जब तक वह रहेंगे (सत्ता में), सबके विकास और कल्याण के लिए काम करते रहेंगे और उनका कोई दूसरा मकसद नहीं है.